संयुक्त अरब अमीरात – यूएई (United Arab Emirates – UAE) में अबू धाबी (Abu Dhabi) स्थित बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट (Barakah Nuclear Power Plant) पर रविवार को ड्रोन अटैक हुआ, जिससे हाहाकार मच गया। यह यूएई का एकमात्र न्यूक्लियर पावर प्लांट है, जो देश की कुल बिजली का लगभग एक चौथाई हिस्सा उत्पादित करता है। अबू धाबी मीडिया ऑफिस के अनुसार तीन ड्रोन्स देश की पश्चिमी बॉर्डर (सऊदी अरब की दिशा) से घुसे। यूएई के एयर डिफेंस ने दो ड्रोन्स को मार गिराया, लेकिन तीसरा ड्रोन न्यूक्लियर पावर प्लांट के एक जनरेटर से जा टकराया, जिससे आग लग गई। आग पर तुरंत काबू पा लिया और कोई हताहत नहीं हुआ और रेडिएशन लेवल भी पूरी तरह सामान्य रहा। यूएई ने इस हमले को आतंकी हमला करार दिया। अब इस मामले पर भारत (India) की प्रतिक्रिया सामने आ गई है।
भारत ने जताई चिंता
यूएई के बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन अटैक पर भारत ने चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा, “संयुक्त अरब अमीरात में बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए हमले से भारत बेहद चिंतित है। इस तरह की कार्रवाई अस्वीकार्य है और इससे स्थिति और भी बिगड़ सकती है। हम संयम बरतने, बातचीत और डिप्लोमेसी के ज़रिए तत्काल शांति का आह्वान करते हैं।”
मुंहतोड़ जवाब देने अधिकार
यूएई ने स्पष्ट कर दिया कि वो ऐसे हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने का अधिकार रखता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह हमला यूएई को चेतावनी देने का प्रयास हो सकता है, क्योंकि बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट सिविलियन बुनियादी ढांचा है। IAEA ने परमाणु सुविधाओं पर किसी भी हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं।
किसने किया हमला?
फिलहाल इस हमले की ज़िम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। हालांकि यूएई ने ईरान या उसके प्रॉक्सी समूहों पर संदेह जताया है। ईरान ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है और न ही खुले तौर पर इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है। यूएई ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला किसने किया। इस हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है।


