पूर्णिया में शहर के लाइन बाजार रोड स्थित बिहार टॉकीज रोड से लगे निजी नर्सिंग होम में महिला मरीज की मौत हो गई। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। महिला टॉन्सिल के ऑपरेशन के हॉस्पिटल में एडमिट हुई थी। परिजनों ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान मरीज की सांस की नली काट दी। इसके कुछ ही देर बाद महिला पेशेंट की हालत बिगड़ती चली गई और आखिर में दम तोड़ दिया। इसी के बाद परिजनों का गुस्सा फुट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया।इससे कई घंटों तक तनाव का माहौल बना रहा। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने में जुटी रही। ऑपरेशन शुरू होने के बाद बिगड़ी हालत मृतका की पहचान किशनगंज के झाला निवासी सांता देवी के रूप में हुई है। मृतका के पति ने बताया कि सांता देवी को गले में परेशानी होने के कारण टॉन्सिल के इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने परिजनों को भरोसा दिलाया था कि यह एक सामान्य ऑपरेशन है और मरीज को एक दिन के भीतर छुट्टी दे दी जाएगी। इसी भरोसे के साथ परिवार वालों ने ऑपरेशन के लिए सहमति दी थी। ऑपरेशन शुरू होने के कुछ देर बाद ही मरीज की हालत बिगड़ने लगी। काफी देर तक उन्हें मरीज की सही स्थिति की जानकारी नहीं दी गयी। बाद में अस्पताल कर्मियों ने मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कही। उस समय तक महिला की मौत हो चुकी थी, लेकिन मामले को दबाने और अपनी लापरवाही छिपाने के लिए नर्सिंग होम प्रबंधन रेफर करने का नाटक कर रहा था। मृतका के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान मरीज की सांस की नली कट गयी थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। अगर समय रहते सही इलाज और सावधानी बरती जाती, तो महिला की जान बच सकती थी। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गुस्साए लोगों ने लाइन बाजार में किया हंगामा अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गयी और देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। घटना की जानकारी फैलते ही लाइन बाजार रोड पर भीड़ जुटनी शुरू हो गयी। आक्रोशित लोगों ने नर्सिंग होम के बाहर जमकर हंगामा किया और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। स्थिति बिगड़ते देख डॉक्टर और नर्सिंग होम का स्टाफ अस्पताल में ताला लगाकर मौके से फरार हो गया। इसी के बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ गया। परिजनों ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही न्याय मांगते रहे। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर मामले की जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। काफी देर तक पुलिस और परिजनों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पूर्णिया में शहर के लाइन बाजार रोड स्थित बिहार टॉकीज रोड से लगे निजी नर्सिंग होम में महिला मरीज की मौत हो गई। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। महिला टॉन्सिल के ऑपरेशन के हॉस्पिटल में एडमिट हुई थी। परिजनों ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान मरीज की सांस की नली काट दी। इसके कुछ ही देर बाद महिला पेशेंट की हालत बिगड़ती चली गई और आखिर में दम तोड़ दिया। इसी के बाद परिजनों का गुस्सा फुट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया।इससे कई घंटों तक तनाव का माहौल बना रहा। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने में जुटी रही। ऑपरेशन शुरू होने के बाद बिगड़ी हालत मृतका की पहचान किशनगंज के झाला निवासी सांता देवी के रूप में हुई है। मृतका के पति ने बताया कि सांता देवी को गले में परेशानी होने के कारण टॉन्सिल के इलाज के लिए निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने परिजनों को भरोसा दिलाया था कि यह एक सामान्य ऑपरेशन है और मरीज को एक दिन के भीतर छुट्टी दे दी जाएगी। इसी भरोसे के साथ परिवार वालों ने ऑपरेशन के लिए सहमति दी थी। ऑपरेशन शुरू होने के कुछ देर बाद ही मरीज की हालत बिगड़ने लगी। काफी देर तक उन्हें मरीज की सही स्थिति की जानकारी नहीं दी गयी। बाद में अस्पताल कर्मियों ने मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कही। उस समय तक महिला की मौत हो चुकी थी, लेकिन मामले को दबाने और अपनी लापरवाही छिपाने के लिए नर्सिंग होम प्रबंधन रेफर करने का नाटक कर रहा था। मृतका के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान मरीज की सांस की नली कट गयी थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। अगर समय रहते सही इलाज और सावधानी बरती जाती, तो महिला की जान बच सकती थी। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गुस्साए लोगों ने लाइन बाजार में किया हंगामा अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गयी और देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। घटना की जानकारी फैलते ही लाइन बाजार रोड पर भीड़ जुटनी शुरू हो गयी। आक्रोशित लोगों ने नर्सिंग होम के बाहर जमकर हंगामा किया और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। स्थिति बिगड़ते देख डॉक्टर और नर्सिंग होम का स्टाफ अस्पताल में ताला लगाकर मौके से फरार हो गया। इसी के बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ गया। परिजनों ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही न्याय मांगते रहे। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर मामले की जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। काफी देर तक पुलिस और परिजनों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


