देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा दी गई है। दरभंगा में पेट्रोल-डीजल की कीमत में 3.32 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। महंगाई का असर सड़कों और पेट्रोल पंपों पर साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह से ही शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की तुलना में ग्राहकों की संख्या कम देखी गई। कीमत बढ़ने के बाद दरभंगा में पेट्रोल की कीमत 109.30 रुपए और डीजल 95.31 रुपए प्रति लीटर मिल रही है। गुरुवार को पेट्रोल 105.98 और डीजल 92.18 रुपए प्रति लीटर था। एक ही दिन में हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कीमत बढ़ने के बाद शहर की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी कुछ कम दिखाई देने लगी है। खासकर टू व्हीलर चालक अब जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल भरवा रहे हैं। कई लोगों ने टंकी फुल कराने के बजाय सीमित राशि का तेल लेना शुरू कर दिया है। बस का किराया बढ़ सकता है बस ड्राइवर मुकेश यादव ने बताया कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद लोग अब निजी वाहन कम निकाल रहे हैं। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ा है। अगर तेल की कीमत इसी तरह बढ़ती रही तो बस किराया बढ़ाने पर भी विचार करना पड़ सकता है। पेट्रोल पंपों पर बिक्री घटी पेट्रोल पंप के मुंशी फुदन झा ने बताया कि पहले की तुलना में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में कमी आई है। स्टॉक की कोई कमी नहीं है, लेकिन ग्राहक कम आ रहे हैं। लोग अब कम मात्रा में तेल भरवा रहे हैं। ग्राहकों की संख्या में कमी पेट्रोल पंप के मैनेजर शिशुपाल कुमार ने बताया कि गुरुवार तक डीजल ₹92.18 और पेट्रोल ₹105.98 था, जबकि शुक्रवार को डीजल ₹95.31 और पेट्रोल ₹109.30 पहुंच गया। कीमत बढ़ने के बाद ग्राहकों की संख्या में कमी देखी जा रही है। पहले लोग टंकी फुल करवाते थे, लेकिन अब सीमित राशि का ही तेल ले रहे हैं। स्टूडेंट्स की बढ़ी परेशानी श्रवण कुमार ने बताया कि पहले वह बाइक की टंकी फुल करवाते थे, लेकिन अब केवल ₹200 का पेट्रोल ही डलवा पाए हैं। छात्र जीवन में पहले से ही खर्च अधिक है और अब पेट्रोल महंगा होने से स्कूल-कॉलेज आने-जाने में दिक्कत बढ़ गई है। ग्राहक नौशाद आलम ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से रोजमर्रा का खर्च बढ़ गया है और सड़कों पर भी गाड़ियों की संख्या कम दिखने लगी है। महंगाई को लेकर लोगों में चिंता पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहने वाला है। परिवहन खर्च बढ़ने से आने वाले दिनों में खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। शहर में लोग लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। मशीन और फैक्ट्रियों पर भी पड़ेगा असर डीजल की कीमत बढ़ने से छोटे उद्योगों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में निर्माण कार्य, मशीन संचालन और परिवहन खर्च बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर बाजार और आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा दी गई है। दरभंगा में पेट्रोल-डीजल की कीमत में 3.32 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। महंगाई का असर सड़कों और पेट्रोल पंपों पर साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह से ही शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की तुलना में ग्राहकों की संख्या कम देखी गई। कीमत बढ़ने के बाद दरभंगा में पेट्रोल की कीमत 109.30 रुपए और डीजल 95.31 रुपए प्रति लीटर मिल रही है। गुरुवार को पेट्रोल 105.98 और डीजल 92.18 रुपए प्रति लीटर था। एक ही दिन में हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कीमत बढ़ने के बाद शहर की सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी कुछ कम दिखाई देने लगी है। खासकर टू व्हीलर चालक अब जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल भरवा रहे हैं। कई लोगों ने टंकी फुल कराने के बजाय सीमित राशि का तेल लेना शुरू कर दिया है। बस का किराया बढ़ सकता है बस ड्राइवर मुकेश यादव ने बताया कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद लोग अब निजी वाहन कम निकाल रहे हैं। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ा है। अगर तेल की कीमत इसी तरह बढ़ती रही तो बस किराया बढ़ाने पर भी विचार करना पड़ सकता है। पेट्रोल पंपों पर बिक्री घटी पेट्रोल पंप के मुंशी फुदन झा ने बताया कि पहले की तुलना में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में कमी आई है। स्टॉक की कोई कमी नहीं है, लेकिन ग्राहक कम आ रहे हैं। लोग अब कम मात्रा में तेल भरवा रहे हैं। ग्राहकों की संख्या में कमी पेट्रोल पंप के मैनेजर शिशुपाल कुमार ने बताया कि गुरुवार तक डीजल ₹92.18 और पेट्रोल ₹105.98 था, जबकि शुक्रवार को डीजल ₹95.31 और पेट्रोल ₹109.30 पहुंच गया। कीमत बढ़ने के बाद ग्राहकों की संख्या में कमी देखी जा रही है। पहले लोग टंकी फुल करवाते थे, लेकिन अब सीमित राशि का ही तेल ले रहे हैं। स्टूडेंट्स की बढ़ी परेशानी श्रवण कुमार ने बताया कि पहले वह बाइक की टंकी फुल करवाते थे, लेकिन अब केवल ₹200 का पेट्रोल ही डलवा पाए हैं। छात्र जीवन में पहले से ही खर्च अधिक है और अब पेट्रोल महंगा होने से स्कूल-कॉलेज आने-जाने में दिक्कत बढ़ गई है। ग्राहक नौशाद आलम ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से रोजमर्रा का खर्च बढ़ गया है और सड़कों पर भी गाड़ियों की संख्या कम दिखने लगी है। महंगाई को लेकर लोगों में चिंता पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहने वाला है। परिवहन खर्च बढ़ने से आने वाले दिनों में खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। शहर में लोग लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। मशीन और फैक्ट्रियों पर भी पड़ेगा असर डीजल की कीमत बढ़ने से छोटे उद्योगों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में निर्माण कार्य, मशीन संचालन और परिवहन खर्च बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर बाजार और आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।


