ग्वालियर में न्यायालयीन प्रकरण में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने यह कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह ने सोमवार को निलंबन आदेश जारी किए। यह मामला न्यायालयीन प्रकरण अनंत पुंढीर बनाम मध्यप्रदेश शासन से संबंधित है। इस प्रकरण में न्यायालय ने 5 जुलाई 2023 को निर्णय पारित किया था। आरोप है कि निर्णय के लगभग दो वर्ष बाद प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने रिट अपील दायर करने का प्रस्ताव विभाग को भेजा। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने 16 फरवरी 2026 को आवश्यक अनुमति प्रदान की थी। विभागीय निर्देशों के अनुसार, इस मामले में रिव्यू याचिका दायर की जानी थी। हालांकि, हरिओम चतुर्वेदी ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की और शासकीय अधिवक्ता से अभिमत लेकर मामला विभाग को भेज दिया। इस लापरवाही के कारण अवमानना प्रकरण क्रमांक 2678/2024 उत्पन्न हो गया। लोक शिक्षण संचालनालय ने इसे शासकीय कार्य के प्रति उदासीनता और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना है। अधिकारी से निर्देश मिलने पर भी नहीं की कार्रवाई निलंबन आदेश में स्पष्ट किया है कि सक्षम निर्देश मिलने के बावजूद अधिकारी ने समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की। इस आचरण को मप्र सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1), 3(2) और 3(3) का उल्लंघन माना है। विभाग ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि के दौरान हरिओम चतुर्वेदी का मुख्यालय डाइट ग्वालियर निर्धारित किया गया है। इस विभागीय कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।


