किशनगंज के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर इन दिनों हजारों यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच हल्दीबाड़ी–बालुरघाट इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रियों की अत्यधिक संख्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को स्थिति इतनी खराब थी कि यात्रियों को ट्रेन के दरवाजों पर लटककर यात्रा करनी पड़ी, जबकि डिब्बों के अंदर पैर रखने की भी जगह नहीं थी। ट्रेन में चढ़ने के दौरान यात्रियों में धक्का-मुक्की ट्रेन में चढ़ने के दौरान यात्रियों के बीच भारी धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस दौरान महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से परेशान दिखे। कई यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर दरवाजों पर लटकते हुए देखा गया। मौके पर किसी भी तरह की अतिरिक्त सुरक्षा या भीड़ नियंत्रण व्यवस्था न होने से यात्रियों में नाराजगी व्याप्त है। 7 जनरल कोच, 2 एसएलआर डिब्बे लगाए जा रहे यात्रियों के अनुसार, हल्दीबाड़ी–बालुरघाट इंटरसिटी एक्सप्रेस में केवल 7 जनरल कोच और 2 एसएलआर डिब्बे लगाए जा रहे हैं। यह संख्या हजारों दैनिक यात्रियों के लिए अपर्याप्त है। अत्यधिक भीड़ के कारण सैकड़ों यात्री ट्रेन में चढ़ नहीं पाते और उन्हें मजबूरन वापस लौटना पड़ता है। वहीं, कुछ यात्री जान जोखिम में डालकर किसी तरह ट्रेन में सवार हो जाते हैं। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण इस रूट पर यात्रियों का दबाव और बढ़ गया है। ट्रेन का विस्तार हल्दीबाड़ी तक होने के बाद यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन कोचों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे यह समस्या और गंभीर हो गई है। यात्रियों का रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप दैनिक यात्रियों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह स्थिति अब एक नियमित समस्या बन गई है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। यात्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अतिरिक्त कोच नहीं जोड़े गए, तो किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यात्रियों ने रेलवे से ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ने और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। किशनगंज के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर इन दिनों हजारों यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच हल्दीबाड़ी–बालुरघाट इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रियों की अत्यधिक संख्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को स्थिति इतनी खराब थी कि यात्रियों को ट्रेन के दरवाजों पर लटककर यात्रा करनी पड़ी, जबकि डिब्बों के अंदर पैर रखने की भी जगह नहीं थी। ट्रेन में चढ़ने के दौरान यात्रियों में धक्का-मुक्की ट्रेन में चढ़ने के दौरान यात्रियों के बीच भारी धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस दौरान महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से परेशान दिखे। कई यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर दरवाजों पर लटकते हुए देखा गया। मौके पर किसी भी तरह की अतिरिक्त सुरक्षा या भीड़ नियंत्रण व्यवस्था न होने से यात्रियों में नाराजगी व्याप्त है। 7 जनरल कोच, 2 एसएलआर डिब्बे लगाए जा रहे यात्रियों के अनुसार, हल्दीबाड़ी–बालुरघाट इंटरसिटी एक्सप्रेस में केवल 7 जनरल कोच और 2 एसएलआर डिब्बे लगाए जा रहे हैं। यह संख्या हजारों दैनिक यात्रियों के लिए अपर्याप्त है। अत्यधिक भीड़ के कारण सैकड़ों यात्री ट्रेन में चढ़ नहीं पाते और उन्हें मजबूरन वापस लौटना पड़ता है। वहीं, कुछ यात्री जान जोखिम में डालकर किसी तरह ट्रेन में सवार हो जाते हैं। जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण इस रूट पर यात्रियों का दबाव और बढ़ गया है। ट्रेन का विस्तार हल्दीबाड़ी तक होने के बाद यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन कोचों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे यह समस्या और गंभीर हो गई है। यात्रियों का रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप दैनिक यात्रियों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह स्थिति अब एक नियमित समस्या बन गई है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। यात्रियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अतिरिक्त कोच नहीं जोड़े गए, तो किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यात्रियों ने रेलवे से ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ने और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके।


