आईओसी डिपो-रामदासपुरा ओवरब्रिज प्रोजेक्ट का महत्वपूर्ण चरण पूरा, रेललाइन के ऊपर गार्डर स्थापित

भास्कर न्यूज | जालंधर आबादी रामदासपुरा के सामने इसी साल नया एक्सटेंशन ब्रिज चालू हो जाएगा। सिटी के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जोन (एनएच-44) में शुमार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन डिपो से लेकर आबादी रामदास पुरा और कैंसर केयर अस्पताल के सामने बन रहे नए ओवरब्रिज निर्माण में रेलवे लाइन पर गार्डर स्थापित कर दिए गए हैं। हाईवे को चौड़ा करने के लिए इस की बगल में एक्सटेंशन ब्रिज बनाया जा रहा है। इससे 4 लेन रोड बदलकर 6 लेन हो जाएगी। रेलवे लाइन के ठीक ऊपर स्पैन के भारी-भरकम गार्डर रखने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। रेलवे ट्रैक के ऊपर गार्डर रखे जाने के बाद अब इस प्रोजेक्ट का सबसे जटिल तकनीकी चरण पार हो गया है। इस पुल के बनने से न सिर्फ शहर के एक बड़े हिस्से की कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि हाईवे पर मौत का पर्याय बन चुके एक बड़े ब्लैक स्पॉट का नामोनिशान भी मिट जाएगा। यह प्रोजेक्ट जालंधर के कई घने और व्यावसायिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है। आईओसी डिपो और आबादी रामदास पुरा के अलावा इस पुल और हाईवे चौड़ीकरण का सीधा लाभ कैंसर केयर अस्पताल के मरीजों, फोकल प्वाइंट के उद्यमियों, न्यू रामदास पुरा, दादा कॉलोनी, इंडस्ट्रियल एरिया और अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों को मिलेगा। वर्तमान में, आबादी रामदास पुरा से हाईवे की तरफ आने वाली सड़क बेहद संकरी है। आईओसी डिपो के पास से गुजरने वाले भारी वाहनों और कैंसर केयर अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों के वाहनों के कारण यहां सुबह से लेकर रात तक ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। पुल चालू होने के बाद स्थानीय आबादी बिना किसी बाधा के सीधे हाईवे से जुड़ सकेगी। मकसूदां की दिशा से पीएपी चौक जाते हुए कैंसर केअर हास्पिटल के सामने पुल संकरा हो जाता है। जैसे ही ट्रैफिक 6 लेन से हटकर 4 लेन में मर्ज होने लगता है तो हादसे होते हैं। कैंसर केयर अस्पताल के सामने और रामदास पुरा मोड़ का यह हिस्सा ट्रैफिक पुलिस और नेशनल हाईवे अथॉरिटी की सूची में एक खतरनाक ब्लैक स्पॉट बना हुआ था। संकरी सड़क और अचानक हाईवे पर मिलने वाले ट्रैफिक के कारण यहां पिछले तीन वर्षों में कई छोटे-बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें दर्जनों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत रात के समय और कोहरे के दौरान होती थी, जब तेज रफ्तार हाईवे ट्रैफिक और रामदास पुरा की तरफ से अचानक मुड़ने वाले वाहनों के बीच संतुलन नहीं बन पाता था। इसके अलावा, कैंसर केयर अस्पताल के सामने अक्सर एम्बुलेंस और गंभीर मरीजों की गाड़ियां भी इस मिस मैनेजमेंट के कारण जाम में फंसी रहती थीं, जिससे मरीजों की जान पर बन आती थी। प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलू शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा सुधार: रेलवे लाइन पर गार्डर रखने का काम पूरा होने के बाद अब केवल डेक स्लैब ढालने, कंक्रीट कोटिंग और दोनों तरफ की एप्रोच रोड को हाईवे से जोड़ने का काम बाकी रह गया है। हाईवे चौड़ा होने और ओवरब्रिज चालू होने से इस ब्लैक स्पॉट पर हादसों की दर शून्य पर आने की उम्मीद है।

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