भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर के बस स्टैंड के पास सोमवार को फिल्मी अंदाज में एक बड़ी वारदात हुई, जहां गुजराल इमिग्रेशन के मालिक सन्नी गुजराल का उनके दफ्तर से अपहरण कर लिया गया। करीब 20-25 हमलावरों ने दफ्तर में घुसकर पहले मारपीट की और फिर उन्हें जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। हालांकि, पठानकोट चौक के पास सन्नी ने बहादुरी दिखाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, करीब दो दर्जन युवक ग्राहक बनकर दफ्तर में घुसे और ऑस्ट्रेलिया के स्टडी वीजा के बारे में पूछने लगे। अचानक उन्होंने पुराने लेन-देन का जिक्र करते हुए हमला कर दिया। सन्नी ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर उन्हें घसीटते हुए बाहर खड़ी गाड़ियों में डालकर फरार हो गए। वारदात के वक्त सन्नी की पत्नी बच्चे को स्कूल से लेने गई थी; पड़ोसी ने उन्हें फोन पर घटना की जानकारी दी। पुलिस अलर्ट और पीड़ित का बचाव… किडनैपिंग की खबर मिलते ही एक पूर्व सांसद ने पुलिस अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई। किडनैपर्स की गाड़ी जब पठानकोट चौक के पास धीमी हुई, तो सन्नी ने सूझबूझ दिखाई और चलती गाड़ी का दरवाजा खोलकर सड़क पर छलांग लगा दी। चोटिल होने के बावजूद वह तुरंत थाना रामा मंडी पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। लेन-देन का विवाद और जांच… सन्नी गुजराल ने पुलिस को बताया कि उनका कुछ लोगों के साथ पैसों का विवाद जरूर था, लेकिन इस तरह सरेआम अपहरण करना जानलेवा हमला है। रामा मंडी पुलिस ने शुरुआती पूछताछ के बाद मामला बस स्टैंड चौकी को ट्रांसफर कर दिया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उन्हें काबू करने की कोशिश कर रही है।


