पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में शनिवार देर रात हंगामा हुआ। शराब के नशे में धुत तीन युवकों ने ड्यूटी पर तैनात एक निजी गार्ड को बंधक बनाने का प्रयास किया। गार्ड ने उन्हें अस्पताल परिसर में शराब पीने से रोका था, जिसके बाद युवकों ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि नशे में धुत तीनों युवकों ने पहले गार्ड के साथ हाथापाई की और फिर उसे जबरन अपनी कार में बैठाकर ले जाने की कोशिश की। गार्ड ने किसी तरह खुद को बचाया और तुरंत वायरलेस सेट से IGIMS कंट्रोल रूम और परिसर में तैनात TOP पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अस्पताल के अन्य गार्ड और पुलिसकर्मी सक्रिय हो गए। बदमाशों ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन TOP थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को अस्पताल के मेनगेट के पास पकड़ लिया। पुलिस ने उनकी कार भी जब्त कर ली है। अस्पताल परिसर में नशा करने से रोकने पर मारपीट किया गार्ड के मुताबिक, यह घटना शनिवार रात करीब 2 बजे मेडिसिन विभाग के वार्ड ब्लॉक-14 के पास हुई। निजी एजेंसी के गार्ड मनोज सिंह अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, तभी एक कार से तीन युवक अस्पताल परिसर में पहुंचे। आरोप है कि तीनों युवक नशे की हालत में थे और पास की झाड़ियों के पीछे बैठकर सिगरेट, शराब पी रहे थे। गार्ड मनोज सिंह ने उन्हें अस्पताल परिसर में नशा करने से मना किया, जिस पर युवक भड़क गए और उनसे बहस करने लगे। करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई। युवकों ने गार्ड के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की और उसकी हैसियत पर टिप्पणी करते हुए अपशब्द कहे। गार्ड को जबरन कार में बैठाने का प्रयास विवाद बढ़ने के बाद तीनों युवकों ने गार्ड को धमकाया। आरोप है कि उन्होंने मनोज सिंह को जबरन अपनी कार में बैठाने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख गार्ड ने समझदारी दिखाई और मौके से किसी तरह मैनपैक के जरिए कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। वायरलेस पर सूचना मिलते ही IGIMS परिसर में तैनात अन्य सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया। मेन गेट पर मौजूद TOP पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। पुलिस के सक्रिय होते ही तीनों युवक मौके से कार लेकर भागने लगे। पुलिस ने करीब 1 KM तक किया पीछा इसके बाद पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी शुरू कर दी। आरोपियों को अस्पताल परिसर से बाहर निकलने से रोकने के लिए IGIMS प्रशासन की मदद से मेन गेट समेत परिसर के अन्य एग्जिट प्वाइंट पर निगरानी बढ़ा दी गई। पुलिस की सतर्कता के कारण तीनों आरोपी ज्यादा दूर नहीं जा सके और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उनकी कार को भी जब्त कर लिया गया। TOP थानाध्यक्ष बोले- तीनों नशे में थे IGIMS TOP के थानाध्यक्ष कपिलेश्वर पासवान ने बताया, ‘घटना की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया था। आरोपियों को पकड़ने के लिए अस्पताल परिसर के सभी एग्जिट गेट को बंद कराया गया। झाड़ियों के पीछे नशेड़ियों का जमावड़ा, गार्ड परेशान IGIMS परिसर नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल परिसर नशेड़ियों और स्मैकियरों का सबसे सुरक्षित अड्डा बनता जा रहा है। गार्ड अरुण कुमार के मुताबिक, रात की ड्यूटी के दौरान ऐसे लोगों से अकेले निपटना चुनौतीपूर्ण होता है। कई बार पुलिस ने नशेड़ियों और संदिग्ध लोगों को पकड़ा भी है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से ऐसे लोगों का परिसर में आना शुरू हो जाता है। सुनसान इलाकों में नशा करते हैं नशेड़ी और स्मैकियर गार्डों का दावा है कि अस्पताल परिसर में नशेड़ियों और स्मैकियरों का सबसे सुरक्षित अड्डा है। सुनसान और झाड़ी वाले इलाकों का फायदा उठाकर कुछ लोग यहां नशा करते हैं। इसके अलावा चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में असामाजिक तत्वों की मौजूदगी सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। पश्चिमी गेट पर जल्द बनेगा नया TOP IGIMS प्रशासन अब अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है। प्रशासन की ओर से अस्पताल के पश्चिमी गेट के पास जल्द ही नया TOP थाना स्थापित करने की बात कही गई है। इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि नए TOP की स्थापना से परिसर में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी। इससे नशेड़ियों, दलालों और असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से मजबूत होगी। पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में शनिवार देर रात हंगामा हुआ। शराब के नशे में धुत तीन युवकों ने ड्यूटी पर तैनात एक निजी गार्ड को बंधक बनाने का प्रयास किया। गार्ड ने उन्हें अस्पताल परिसर में शराब पीने से रोका था, जिसके बाद युवकों ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि नशे में धुत तीनों युवकों ने पहले गार्ड के साथ हाथापाई की और फिर उसे जबरन अपनी कार में बैठाकर ले जाने की कोशिश की। गार्ड ने किसी तरह खुद को बचाया और तुरंत वायरलेस सेट से IGIMS कंट्रोल रूम और परिसर में तैनात TOP पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अस्पताल के अन्य गार्ड और पुलिसकर्मी सक्रिय हो गए। बदमाशों ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन TOP थाने की पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को अस्पताल के मेनगेट के पास पकड़ लिया। पुलिस ने उनकी कार भी जब्त कर ली है। अस्पताल परिसर में नशा करने से रोकने पर मारपीट किया गार्ड के मुताबिक, यह घटना शनिवार रात करीब 2 बजे मेडिसिन विभाग के वार्ड ब्लॉक-14 के पास हुई। निजी एजेंसी के गार्ड मनोज सिंह अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, तभी एक कार से तीन युवक अस्पताल परिसर में पहुंचे। आरोप है कि तीनों युवक नशे की हालत में थे और पास की झाड़ियों के पीछे बैठकर सिगरेट, शराब पी रहे थे। गार्ड मनोज सिंह ने उन्हें अस्पताल परिसर में नशा करने से मना किया, जिस पर युवक भड़क गए और उनसे बहस करने लगे। करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई। युवकों ने गार्ड के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की और उसकी हैसियत पर टिप्पणी करते हुए अपशब्द कहे। गार्ड को जबरन कार में बैठाने का प्रयास विवाद बढ़ने के बाद तीनों युवकों ने गार्ड को धमकाया। आरोप है कि उन्होंने मनोज सिंह को जबरन अपनी कार में बैठाने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख गार्ड ने समझदारी दिखाई और मौके से किसी तरह मैनपैक के जरिए कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। वायरलेस पर सूचना मिलते ही IGIMS परिसर में तैनात अन्य सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया। मेन गेट पर मौजूद TOP पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। पुलिस के सक्रिय होते ही तीनों युवक मौके से कार लेकर भागने लगे। पुलिस ने करीब 1 KM तक किया पीछा इसके बाद पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी शुरू कर दी। आरोपियों को अस्पताल परिसर से बाहर निकलने से रोकने के लिए IGIMS प्रशासन की मदद से मेन गेट समेत परिसर के अन्य एग्जिट प्वाइंट पर निगरानी बढ़ा दी गई। पुलिस की सतर्कता के कारण तीनों आरोपी ज्यादा दूर नहीं जा सके और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उनकी कार को भी जब्त कर लिया गया। TOP थानाध्यक्ष बोले- तीनों नशे में थे IGIMS TOP के थानाध्यक्ष कपिलेश्वर पासवान ने बताया, ‘घटना की सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया था। आरोपियों को पकड़ने के लिए अस्पताल परिसर के सभी एग्जिट गेट को बंद कराया गया। झाड़ियों के पीछे नशेड़ियों का जमावड़ा, गार्ड परेशान IGIMS परिसर नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल परिसर नशेड़ियों और स्मैकियरों का सबसे सुरक्षित अड्डा बनता जा रहा है। गार्ड अरुण कुमार के मुताबिक, रात की ड्यूटी के दौरान ऐसे लोगों से अकेले निपटना चुनौतीपूर्ण होता है। कई बार पुलिस ने नशेड़ियों और संदिग्ध लोगों को पकड़ा भी है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से ऐसे लोगों का परिसर में आना शुरू हो जाता है। सुनसान इलाकों में नशा करते हैं नशेड़ी और स्मैकियर गार्डों का दावा है कि अस्पताल परिसर में नशेड़ियों और स्मैकियरों का सबसे सुरक्षित अड्डा है। सुनसान और झाड़ी वाले इलाकों का फायदा उठाकर कुछ लोग यहां नशा करते हैं। इसके अलावा चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में असामाजिक तत्वों की मौजूदगी सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। पश्चिमी गेट पर जल्द बनेगा नया TOP IGIMS प्रशासन अब अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है। प्रशासन की ओर से अस्पताल के पश्चिमी गेट के पास जल्द ही नया TOP थाना स्थापित करने की बात कही गई है। इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि नए TOP की स्थापना से परिसर में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी। इससे नशेड़ियों, दलालों और असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से मजबूत होगी।

