मगध रेंज के नए आईजी विकास वैभव एक्शन एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में उन्होंने एसएसपी, सिटी एसपी समेत सभी बड़े पुलिस पदाधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की। पहली ही बैठक में आईजी ने साफ कर दिया कि अब अपराध नियंत्रण, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और लंबित मामलों का निपटारा पुलिस की पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस थाना क्षेत्र में अपराध बढ़ेगा। वहां संबंधित थानाध्यक्ष और अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय होगी। बैठक के दौरान आईजी ने पुलिसिंग की सुस्त कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध या घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की प्रतिक्रिया तुरंत दिखनी चाहिए। देर, लापरवाही और ढिलाई अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी थानों को अपराधियों, फरार वारंटियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी आईजी ने कानून व्यवस्था को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर थाना क्षेत्र में गश्ती बढ़ाई जाए। संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जाए। जहां अपराध की आशंका अधिक है, वहां पुलिस की सक्रियता साफ दिखनी चाहिए। पुलिस की मौजूदगी ऐसी हो कि अपराधियों में डर और आम लोगों में भरोसा पैदा हो। थाना आम लोगों के लिए भरोसे का केंद्र बनना चाहिए। फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन हो। पुलिस का व्यवहार जवाबदेह, पारदर्शी और संवेदनशील रहे। बैठक में लंबित कांडों की समीक्षा के दौरान कई मामलों में धीमी जांच और गिरफ्तारी नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। आईजी ने कहा कि गंभीर मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जाए। उनकी पहली ही बैठक के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। साफ संकेत है कि अब मगध रेंज में अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलेगा और सुस्त पुलिसिंग पर सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में गयाजी एसएसपी सुशील कुमार, सिटी एसपी कोटा किरण कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। मगध रेंज के नए आईजी विकास वैभव एक्शन एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में उन्होंने एसएसपी, सिटी एसपी समेत सभी बड़े पुलिस पदाधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की। पहली ही बैठक में आईजी ने साफ कर दिया कि अब अपराध नियंत्रण, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और लंबित मामलों का निपटारा पुलिस की पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस थाना क्षेत्र में अपराध बढ़ेगा। वहां संबंधित थानाध्यक्ष और अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय होगी। बैठक के दौरान आईजी ने पुलिसिंग की सुस्त कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध या घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की प्रतिक्रिया तुरंत दिखनी चाहिए। देर, लापरवाही और ढिलाई अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी थानों को अपराधियों, फरार वारंटियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी आईजी ने कानून व्यवस्था को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर थाना क्षेत्र में गश्ती बढ़ाई जाए। संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जाए। जहां अपराध की आशंका अधिक है, वहां पुलिस की सक्रियता साफ दिखनी चाहिए। पुलिस की मौजूदगी ऐसी हो कि अपराधियों में डर और आम लोगों में भरोसा पैदा हो। थाना आम लोगों के लिए भरोसे का केंद्र बनना चाहिए। फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन हो। पुलिस का व्यवहार जवाबदेह, पारदर्शी और संवेदनशील रहे। बैठक में लंबित कांडों की समीक्षा के दौरान कई मामलों में धीमी जांच और गिरफ्तारी नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। आईजी ने कहा कि गंभीर मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जाए। उनकी पहली ही बैठक के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। साफ संकेत है कि अब मगध रेंज में अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलेगा और सुस्त पुलिसिंग पर सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में गयाजी एसएसपी सुशील कुमार, सिटी एसपी कोटा किरण कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।


