Mark Wood’s Shocking Revelation: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की हर बात ब्रॉडकास्ट पर नहीं आती। सारी स्ट्रेटेजी की बातों और मैच के बाद की घिसी-पिटी बातों के अलावा पर्दे के पीछे ऐसे भी पल होते हैं, जो शायद ही कभी सामने आते हैं। कभी-कभी कोई खिलाड़ी खुलकर बोलता है और आपको इस बात पता चलता है कि लीग के अंदर की जिंदगी कितनी जोरदार और कभी-कभी कितनी अजीब हो सकती है। मार्क वुड ने एक ऐसे पल का चौंकाने वाला खुलासा किया है।
गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद मैदान पर उतारना चाहता था मालिक
बीबीसी के ‘स्ट्रेटेजिक टाइमआउट’ पॉडकास्ट पर बात करते हुए इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड ने अपने आईपीएल के दिनों का एक बड़ा खुलासा किया, जिसमें एक फ्रेंचाइजी मालिक ने उन्हें गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद मैदान पर उतारने के लिए हर मुमकिन कोशिश की।
‘हर आधे घंटे में डॉक्टर मेरे कमरे में आते’
वुड ने बताया कि सीजन के बीच में उन्हें तेज बुखार हो गया था और वह ठीक से काम भी नहीं कर पा रहे थे, तभी फ्रेंचाइजी मालिक के फोन आने शुरू हो गए। उन्होंने बताया कि लगभग पांच मैचों के बाद मेरी तबीयत ठीक नहीं थी और (अगला) मैच लगभग तीन दिन बाद था। हर आधे घंटे में डॉक्टर मेरे कमरे में आते और मेरे वाइटल्स (शारीरिक संकेतों) की जांच करते। हालात साफ तौर पर बेहतर नहीं हो रहे थे, लेकिन इससे मालिक का लगातार हाल-चाल लेना बंद नहीं हुआ।
‘मैं अभी भी बिस्तर से उठ नहीं पा रहा हूं’
मुझे याद है एक दिन मालिक ने मुझे फोन किया और पूछा तुम्हें कैसा लग रहा है? खेलने के लिए तैयार हो?’ इस पर मैंने कहा कि सच कहूं तो मैंने कुछ खाया-पिया नहीं है। मैं अभी भी बिस्तर से उठ नहीं पा रहा हूं। उन्होंने कहा कि हम तुम्हारे लिए दूसरा डॉक्टर बुलाएंगे, हम यह करेंगे, वह करेंगे।
‘मैं एक प्राइवेट प्लेन भेजूंगा, तुम प्लेन में बैठो, मैच खेलो’
लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने वुड को भी हैरान कर दिया। उन्हें मैच के लिए उपलब्ध कराने की बेचैनी मेडिकल देखभाल से भी आगे निकल गई थी। अगले दिन फिर से मालिक का फोन आया और फिर पूछा कि तुम्हें कैसा लग रहा है?’ इस पर मैंने कहा कि सच कहूं तो, मेरी तबीयत अभी भी ठीक नहीं है।
तब उन्होंने कहा कि मैं एक प्राइवेट प्लेन भेजूंगा, तुम प्लेन में बैठो, मैच खेलो। फिर मैं प्लेन को सीधे वापस भेजूंगा और तुम्हें तुम्हारे बिस्तर पर वापस पहुंचा दूंगा। हां, प्लान बिल्कुल यही था। उन्हें प्लेन से लाओ, उनसे मैच खिलवाओ और फिर सीधे वापस भेज दो, ताकि वे ठीक हो सकें।


