तुम्हें रानी बनाकर रखूंगा…घर से भगाकर गर्लफ्रेंड की गहने लूटकर कर दी हत्या

तुम्हें रानी बनाकर रखूंगा…घर से भगाकर गर्लफ्रेंड की गहने लूटकर कर दी हत्या

प्रयागराज। गंगापार क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 23 वर्षीय प्रेमी अस्मित वर्मा ने अपनी 17 वर्षीय नाबालिग प्रेमिका खुशी पाल की हत्या कर दी। शव को शारदा सहायक नहर के किनारे जंगल की झाड़ियों में फेंक दिया गया। अस्मित ने खुशी से कहा था कि तुम्हें रानी बनाकर रखूंगा…लेकिन उसने झांसा देकर खुशी को मार डाला।

20 अप्रैल की रात असमित वर्मा ने खुशी को घर से भगा लिया था। घटना सरायइनायत थाना क्षेत्र के जमुनीपुर गांव की है। खुशी लक्ष्मी नारायण पाल की बेटी थी। मां सुनीता पाल ने सरायइनायत थाने में असमित वर्मा और उसकी दोस्त रिया के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था।

सोना चांदी भी हड़पने का आरोप

मां ने पुलिस को बताया था कि अस्मित (बहरिया थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव का निवासी) उनकी बेटी से बातचीत करता था। भगाने के समय खुशी घर से 2,000 रुपये नकद, सोने की चेन, 3 सोने की अंगूठियां, झुमके, करधन और काफी मात्रा में चांदी के आभूषण (1 किलो छागल, 500 ग्राम कमर पेटी, पायल आदि) लेकर गई थी। मां को आशंका थी कि आरोपी गहनों के लालच में बेटी की हत्या भी कर सकता है।

नहर की झाड़ियों में मिला शव

पुलिस लगातार दोनों की तलाश कर रही थी। गुरुवार को असमित वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने कबूल किया कि उसने खुशी को मार डाला है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने नहर के पास झाड़ियों में खुशी का सड़ा-गला शव बरामद कर लिया।

खुशी चार बहनों में दूसरी नंबर की थी। परिवार में कोई भाई नहीं है। बेटी की मौत की सूचना मिलते ही मां सुनीता पाल बेसुध हो गईं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

घरवालों को पता चलने पर रास्ते से हटाया

डीसीपी गंगा नगर ने बताया कि दोनों के अफेयर की खबरें लड़के के घर वालों को पता चल गईं थी। इसी वजह से अस्मित की खूब पिटाई हुई थी। घरवालों ने उसे कायदे से पीटा था। कहा था लड़की का पीछा छोड़ दो। लेकिन, खुशी अस्मित पर लगातार दबाव बना रही थी कि वह घर से भागकर शादी कर लें।

अस्मित ने प्लान बनाया और दोनों 20 अप्रैल की रात घर से भाग निकले। खुशी अपने घर से जेवर और नकदी लेकर भाग आई। शारदा की सहायक नहर के पास ले जाकर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दुपट्‌टे से उसका गला घोंट दिया। फिर लाश को नदी के किनारे एक गड्‌ढे में फेंक दिया। ऊपर से झाड़ियां डाल दीं।

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