मुंबई से सटे ठाणे के मुंब्रा इलाके की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इसी साल जनवरी महीने में ‘कैसे हराया’ बयान से चर्चा में आई ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की नगरसेविका (पार्षद) सहर शेख अपनी जाति प्रमाणपत्र को लेकर विवादों में घिर गई हैं। उनके जाति प्रमाणपत्र को विपक्ष ने फर्जी बताया हैं। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब सहर शेख के पिता यूनुस शेख के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश तहसीलदार कार्यालय ने की। हाल ही में यूनुस शेख मुंब्रा पुलिस स्टेशन में हाजिर भी हुए। हालांकि, इन आरोपों के बीच सहर शेख ने सोमवार को ठाणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलकर जवाब दिया और पूरे मामले को विपक्ष की साजिश करार दिया।
‘कैसे हराया’ बयान से बनी थीं चर्चा का केंद्र
सहर शेख ने ठाणे महानगरपालिका चुनाव (TMC) में मुंब्रा के वार्ड 30 (बी) से जीत हासिल की थी। यह क्षेत्र एनसीपी (शरद पवार गुट) के दिग्गज नेता व स्थानीय विधायक जितेंद्र आव्हाड का गढ़ माना जाता है, लेकिन सहर शेख ने वहां उनके उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी। शेख ने तब विजय जुलूस में आव्हाड पर ‘कैसा हराया…’ तंज कसा था और पूरे मुंब्रा को हरा रंग से रंगने का वादा भी किया था। लेकिन जब उनकी इस टिप्पणी पर खूब विवाद होने लगा तो उन्होंने माफी मांग ली।
जीत के बाद विरोधियों को चिढ़ाते हुए सहर शेख का ‘कैसे हराया’ कहते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। सहर का दावा है कि उसी दिन से वे विरोधियों की आंखों में खटक रही हैं और अब उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए जाति प्रमाण पत्र का सहारा लिया जा रहा है। इसमें एनसीपी के दोनों गुट शामिल है।
जाति प्रमाणपत्र पर उठे सवाल, पद रद्द होने की चर्चा
पिछले कुछ दिनों से विपक्ष की ओर से यह आरोप लगाए जा रहे थे कि सहर शेख का जाति प्रमाणपत्र अवैध है। उनके चुनावी प्रतिद्वंद्वियों ने भी इस पर आपत्ति जताई थी। इस पूरे मामले की शुरुआत उस शिकायत से हुई, जो सिद्दीकी फरहा शबाब अहमद ने दर्ज कराई थी। सिद्दीकी फरहा भी मुंब्रा के उसी वार्ड से सहर शेख के सामने चुनावी मैदान में थीं। वह एनसीपी (अजित पवार गुट) की उम्मीदवार थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सहर शेख ने फर्जी दस्तावेजों से बनवाए गए जाति प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ा। इसलिए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इन आरोपों के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई थी कि उनका नगरसेवक पद खतरे में पड़ सकता है। साथ ही, कुछ समय तक उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने की खबरों ने विवाद को और बढ़ा दिया।
सहर शेख ने आरोपों को बताया साजिश
इन सभी आरोपों के बीच सहर शेख ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट कहा कि उनका जाति प्रमाणपत्र पूरी तरह वैध है। उन्होंने दावा किया कि विरोधियों ने प्रशासन के साथ मिलकर उनके खिलाफ यह साजिश रची है। उन्होंने कहा कि चुनाव में मिली जीत से घबराकर विरोधी इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी और सारे सबूत देकर न्याय की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, हम भारतीय मुसलमान हैं और रहेंगे और अपने देश से प्यार करते हैं।
पिता ने पेश किए दस्तावेज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके पिता यूनूस शेख भी मौजूद रहे। उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज और जाति प्रमाणपत्र सार्वजनिक रूप से पेश किए। उन्होंने दावा किया कि उनके जाति प्रमाणपत्र असली हैं। सभी कागजात वैध हैं और विपक्ष उनकी बेटी की जीत को पचा नहीं पा रहा है, इसलिए इस तरह के आरोप लगा रहा है।


