धरमपुरी के भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर का आरोप है कि मदद मांगने आई एक महिला और उसके पति ने केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे दो करोड़ रुपए मांगे। घटना दिसंबर माह की है, जिसके लिए उन्होंने 23 दिसंबर को ही पुलिस को आवेदन दे दिया था। मंगलवार को मुख्यमंत्री से भी मिले। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस ली, उसके बाद धार पुलिस ने केस दर्ज किया। अभी केस उनकी होटल मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुआ है। विधायक ठाकुर का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन से अपेक्षित सहयोग ही नहीं मिल पा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि भाजपा सरकार में भाजपा विधायक की ही सुनवाई क्यों नहीं हो रही, तो वे कोई जवाब नहीं दे पाए। प्रेस वार्ता के बाद बुधवार देर शाम महिला दीपिका ठाकुर और उसके पति कासिम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर विधायक ने नहीं, बल्कि उनकी होटल मैनेजर बबीता पाटीदार द्वारा दर्ज कराई गई है। धार-भोपाल कहीं सुनवाई नहीं 1. विधायक के अनुसार, महिला 23 दिसंबर को उनके धामनोद स्थित कार्यालय पर आर्थिक सहायता मांगने पहुंची। उस समय विधायक भोपाल में थे, इसलिए महिला कार्यालय में ही रुक गई।
2. अगले दिन महिला विधायक के भोपाल स्थित निवास पर पहुंची और 15 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मांगी। विधायक ने एक हजार रुपए देकर उसे वापस भेज दिया। इसके बाद महिला ने झूठे मामले में फंसाने और बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
3. विधायक का कहना है कि भोपाल से जाने के करीब एक घंटे बाद महिला ने फोन कर आरोप लगाया कि उसे गलत काम के लिए भोपाल बुलाया गया था और 2 करोड़ रुपए नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी। इस पर मैंने तत्काल भोपाल से एसपी और आईजी को फोन कर सूचना दी और व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन भी भेजा।
4. विधायक के अनुसार, महिला का पति कानपुर का रहने वाला है और फिलहाल खलघाट में किराए के मकान में रह रहा है। महिला उसे पिछले दो वर्षों से जानती है और उसके साथ रह रही है। विधायक का आरोप : एसपी ने कहा, विधायक पर भी हो सकता है केस
विधायक ठाकुर ने आरोप लगाया कि एसपी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। एसपी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी तो विधायक के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज हो सकता है। इसके बाद विधायक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जहां से उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला। विधायक के आवेदन पर विधि संगत कार्रवाई कर रहे हैं
विधायक द्वारा दिए गए आवेदन की जांच की जा रही है। उस पर विधि-संगत कार्रवाई की जा रही है। विधायक से चर्चा हो चुकी है और उन्हें स्थिति से अवगत करा दिया है। सहयोग नहीं करने जैसी कोई बात नहीं है।
-मयंक अवस्थी, एसपी धार


