बरेली के मढ़ीनाथ पुल पर सुबह से ही हालात बेहद खराब नजर आए। मढ़ीनाथ पुलिया पर गाड़ियों का ऐसा रेला लगा कि देखते ही देखते पूरा इलाका चक्काजाम हो गया। जाम इस कदर बढ़ गया कि लोगों को घंटों एक ही जगह पर खड़ा रहना पड़ा। सुबह के वक्त लगे इस भीषण जाम ने नौकरीपेशा लोगों और राहगीरों का शेड्यूल पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। पैदल स्कूल जाने को मजबूर हुए बच्चे
इस जाम का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ा है। सड़कों पर स्कूली वैन, ऑटो और बसें जहां की तहां थम गईं। जाम में फंसकर बच्चे लेट न हों, इसलिए पेरेंट्स ने समझदारी दिखाई और बच्चों को मढ़ीनाथ पुल से काफी पहले ही गाड़ियों से उतार दिया। इसके बाद बच्चे भारी बस्ते लादे पैदल ही स्कूल की तरफ दौड़ते नजर आए। कई पेरेंट्स जो अपनी बाइक या कार से बच्चों को छोड़ने जा रहे थे, वे भी बीच रास्ते में फंसे रहे। चौपुला पुल बंद होने से बिगड़े हालात
मढ़ीनाथ पर इस महाजाम की असली वजह चौपुला पुल का बंद होना है। रेलवे ओवरब्रिज (ROB) पर इस समय मरम्मत का काम चल रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने इसे डेढ़ महीने के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। चौपुला पुल बदायूं रोड को जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण जरिया है। इसके बंद होते ही बदायूं की तरफ जाने वाली लाखों की आबादी का पूरा ट्रैफिक लोड मढ़ीनाथ और शांति विहार रोड पर शिफ्ट हो गया है। संकरी पुलिया नहीं झेल पा रही लोड
मढ़ीनाथ की पुलिया पहले से ही काफी संकरी है, जहां सामान्य दिनों में भी अक्सर गाड़ियां फंस जाती हैं। अब जब शहर के एक बड़े हिस्से का ट्रैफिक इस सिंगल रूट पर आ गया, तो यहां की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर चौपुला पुल के पास अंडरपास बना दिया गया होता, तो आज जनता को इस तरह की मुसीबत नहीं झेलनी पड़ती। अंडरपास न होने का खामियाजा अब पूरी जनता भुगत रही है। ट्रैफिक पुलिस के छूटे पसीने, ई-रिक्शा भी बैन
जाम की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दर्जनों ट्रैफिक पुलिसकर्मी पसीना बहाते हुए व्यवस्था संभालने में जुटे रहे। जाम से निपटने के लिए प्रशासन ने मढ़ीनाथ रूट पर ई-रिक्शा के एंट्री को पूरी तरीके से बैन कर दिया है। पुलिस लगातार नए-नए प्रयोग कर रही है, लेकिन भारी ट्रैफिक लोड के आगे सारे इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। सुबह और शाम के पीक आवर्स में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है।


