रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सजा बढ़ाने की अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत इस मामले में 23 मई 2026 को फैसला सुना सकती है। अपर महाधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में विस्तृत बहस करते हुए कई महत्वपूर्ण कानूनी नजीरों का हवाला दिया। अभियोजन ने दलील दी कि मामला गंभीर प्रकृति का है और दोष सिद्ध होने के बाद सजा बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए। बचाव पक्ष पहले ही अपने तर्क अदालत में रख चुका है। यह मामला वर्ष 2019 में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर सिविल लाइन कोतवाली में दर्ज हुआ था। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम के अलग-अलग जन्मतिथि के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए गए और उनका उपयोग किया गया। मामले की सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को मोहम्मद आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। अब राज्य सरकार की ओर से दायर सजा बढ़ाने की अपील पर अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।


