Harmanpreet Kaur के नाबाद 91 रन, भारत ने Zimbabwe को हराकर टी20 सीरीज 3-0 से जीती

Harmanpreet Kaur के नाबाद 91 रन, भारत ने Zimbabwe को हराकर टी20 सीरीज 3-0 से जीती

पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने पुराने तेवरों का शानदार नमूना पेश करके नाबाद 91 रन की जबरदस्त पारी खेली जिससे भारत ने मंगलवार को यहां तीसरे और अंतिम महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जिंबॉब्वे को 92 रन से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए हरमनप्रीत के 41 गेंदों में नाबाद 91 रन और सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के 37 गेंद पर 69 रन की मदद से सात विकेट पर 216 रन बनाए। इसके जवाब में जिंबॉब्वे की टीम सात विकेट पर 124 रन ही बना सकी।उसकी तरफ से शार्ने मायर्स ने 60 और बिलव्ड बिजा ने 44 रन का योगदान दिया लेकिन इससे केवल हार का अंतर ही कम हो पाया। भारत की तरफ से नंदिनी शर्मा ने चार ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट लिए। भारत ने पहला मैच चार विकेट और दूसरा मैच नौ विकेट से जीता था।अब इन दोनों टीम के बीच तीन वनडे मैच की श्रृंखला खेली जाएगी। भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने बल्लेबाजों को अधिक मौके देने के उद्देश्य से टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। इसी उद्देश्य से उन्होंने अनुष्का शर्मा (20 गेंदों में 28 रन) को शेफाली के साथ बल्लेबाजी का आगाज करने के लिए भेजा।शेफाली ने लगातार दूसरा अर्धशतक बनाकर भारत की पारी को आगे बढ़ाया। अनुष्का और शेफाली ने 32 गेंदों में 54 रन की साझेदारी करके पारी की अच्छी नींव रखी। अनुष्का ने पांचवें ओवर में टेंडाई मकुशा की गेंद पर जोरदार छक्का जड़ा।दूसरी ओर शेफाली ने भी तूफानी बल्लेबाजी की और अपने पांचों छक्के डीप मिड-विकेट के ऊपर से लगाए। भारतीय सलामी बल्लेबाज ने स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट का भी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। शेफाली के आउट होने के बाद हाल में तीनों प्रारूप की कप्तानी छोड़ने वाली हरमनप्रीत ने कमान संभाली।उन्होंने भी अपनी पारी में पांच छक्के लगाए। विकेट बल्लेबाजी के लिए अनुकूल था जिसमें हरमनप्रीत ने अपने आक्रामक कौशल का शानदार नमूना पेश किया। यह 37 वर्षीय बल्लेबाज एशिया कप में धीमी पिचों पर लय हासिल नहीं कर पाई थी जबकि एशियाई खेलों में उन्हें बल्लेबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला था।यह पूर्व कप्तान इसके बाद काफी भावुक हो गई थी। पिछली 10 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं बना पाने वाली हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘मुझे क्रीज पर कुछ समय बिताने का मौका मिला। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।मैं केवल अपने खेल का आनंद लेना चाहती थी और जितना हो सके उतनी देर तक बल्लेबाजी करना चाहती थी।’’
भारत ने आखिरी पांच ओवरों में चार विकेट खोकर 62 रन बनाए। जिंबॉब्वे की तरफ से बिलव्ड बिजा ने 50 रन देकर तीन विकेट लिए। जिंबॉब्वे की टीम बड़े लक्ष्य के सामने किसी भी समय जीत हासिल करने की कोशिश करती हुई नहीं दिखी।ऐसा लग रहा था कि उसके बल्लेबाज पूरे 20 ओवर तक टिके रहने की कोशिश में हैं जिसमें वह सफल भी रहे। 

पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने पुराने तेवरों का शानदार नमूना पेश करके नाबाद 91 रन की जबरदस्त पारी खेली जिससे भारत ने मंगलवार को यहां तीसरे और अंतिम महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जिंबॉब्वे को 92 रन से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए हरमनप्रीत के 41 गेंदों में नाबाद 91 रन और सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के 37 गेंद पर 69 रन की मदद से सात विकेट पर 216 रन बनाए। इसके जवाब में जिंबॉब्वे की टीम सात विकेट पर 124 रन ही बना सकी।

उसकी तरफ से शार्ने मायर्स ने 60 और बिलव्ड बिजा ने 44 रन का योगदान दिया लेकिन इससे केवल हार का अंतर ही कम हो पाया। भारत की तरफ से नंदिनी शर्मा ने चार ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट लिए। भारत ने पहला मैच चार विकेट और दूसरा मैच नौ विकेट से जीता था।

अब इन दोनों टीम के बीच तीन वनडे मैच की श्रृंखला खेली जाएगी। भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने बल्लेबाजों को अधिक मौके देने के उद्देश्य से टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। इसी उद्देश्य से उन्होंने अनुष्का शर्मा (20 गेंदों में 28 रन) को शेफाली के साथ बल्लेबाजी का आगाज करने के लिए भेजा।

शेफाली ने लगातार दूसरा अर्धशतक बनाकर भारत की पारी को आगे बढ़ाया। अनुष्का और शेफाली ने 32 गेंदों में 54 रन की साझेदारी करके पारी की अच्छी नींव रखी। अनुष्का ने पांचवें ओवर में टेंडाई मकुशा की गेंद पर जोरदार छक्का जड़ा।

दूसरी ओर शेफाली ने भी तूफानी बल्लेबाजी की और अपने पांचों छक्के डीप मिड-विकेट के ऊपर से लगाए। भारतीय सलामी बल्लेबाज ने स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट का भी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। शेफाली के आउट होने के बाद हाल में तीनों प्रारूप की कप्तानी छोड़ने वाली हरमनप्रीत ने कमान संभाली।

उन्होंने भी अपनी पारी में पांच छक्के लगाए। विकेट बल्लेबाजी के लिए अनुकूल था जिसमें हरमनप्रीत ने अपने आक्रामक कौशल का शानदार नमूना पेश किया। यह 37 वर्षीय बल्लेबाज एशिया कप में धीमी पिचों पर लय हासिल नहीं कर पाई थी जबकि एशियाई खेलों में उन्हें बल्लेबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला था।

यह पूर्व कप्तान इसके बाद काफी भावुक हो गई थी। पिछली 10 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं बना पाने वाली हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘मुझे क्रीज पर कुछ समय बिताने का मौका मिला। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

मैं केवल अपने खेल का आनंद लेना चाहती थी और जितना हो सके उतनी देर तक बल्लेबाजी करना चाहती थी।’’
भारत ने आखिरी पांच ओवरों में चार विकेट खोकर 62 रन बनाए। जिंबॉब्वे की तरफ से बिलव्ड बिजा ने 50 रन देकर तीन विकेट लिए। जिंबॉब्वे की टीम बड़े लक्ष्य के सामने किसी भी समय जीत हासिल करने की कोशिश करती हुई नहीं दिखी।

ऐसा लग रहा था कि उसके बल्लेबाज पूरे 20 ओवर तक टिके रहने की कोशिश में हैं जिसमें वह सफल भी रहे।

​Hindi News – News in Hindi – Latest News in Hindi | Prabhasakshi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *