Gurugram Bar Association ने कैप्टन Smit Machhar को Ashok Chakra देने की मांग की

Gurugram Bar Association ने कैप्टन Smit Machhar को Ashok Chakra देने की मांग की

गुरुग्राम, छह अक्टूबर हरियाणा में गुरुग्राम जिला बार एसोसिएशन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक ज्ञापन भेजकर फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित करने की मांग की। एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। ज्ञापन के अनुसार, 30 सितंबर को दुबई से इजराइल जा रही उड़ान के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान जोखिम में डालकर असाधारण साहस का परिचय दिया और 180 यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर भारत का गौरव बढ़ाया।

एसोसिएशन ने कैप्टन डी. के. जटार और फ्लाइट अटेंडेंट नीरजा भनोट का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें भी विषम परिस्थितियों में असाधारण साहस दिखाने के लिए ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया था। एसोसिएशन ने भारत सरकार से कैप्टन स्मित मच्छार को भी ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि 1955 में एअर इंडिया के विमान ‘कश्मीर प्रिंसेस’ में बम विस्फोट के बाद कैप्टन डी. के. जटार ने अपनी जान जोखिम में डालकर सूझबूझ का परिचय दिया और विमान की आपात लैंडिंग कराने का प्रयास किया।

वहीं, 1987 में फ्लाइट अटेंडेंट नीरजा भनोट ने पैन एम की उड़ान 73 के अपहरण के दौरान आतंकवादियों की गोलियों के सामने मानव ढाल बनकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई थी। उन्हें मरणोपरांत ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया था। गुरुग्राम बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता कुलभूषण भारद्वाज ने कहा, ‘‘अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो असाधारण साहस, वीरता या बलिदान के लिए सैन्यकर्मियों और नागरिकों, दोनों को प्रदान किया जाता है।

इस संदर्भ में फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ‘अशोक चक्र’ के हकदार हैं।

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