नवादा में 16 अप्रैल 2026 को केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB), मध्य-पूर्वी क्षेत्र, पटना द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला ‘NAQUIM के परिणाम एवं भूजल डेटा के प्रसार’ विषय पर केंद्रित थी। DRDA सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश ने दीप प्रज्वलित कर किया। जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश ने कार्यशाला को नवादा जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मेसकौर जैसे कई प्रखंड गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं, जिसकी स्थिति भविष्य में और बिगड़ सकती है। पूर्व के सर्वेक्षणों से यह स्पष्ट हुआ है कि जिले के कई क्षेत्रों में भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ है। उन्होंने भूजल को एक सीमित संसाधन बताते हुए इसके संरक्षण की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। श्री प्रकाश ने आगामी वर्षों में तीव्र शहरीकरण, नगर निकायों के विस्तार और जल की बढ़ती मांग का उल्लेख किया। उन्होंने इस संभावित जल संकट के समाधान के लिए अभी से समेकित और भविष्योन्मुखी योजनाएं बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। जिला पदाधिकारी ने भविष्य में गन्ना उत्पादन क्षेत्र में संभावित वृद्धि को देखते हुए सिंचाई के लिए वैकल्पिक जल संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों से जल संकटग्रस्त क्षेत्रों की पहचान करने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, भूजल उपयोग की प्रभावी निगरानी करने और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। कार्यशाला के दौरान केंद्रीय भूजल बोर्ड के भूजल प्रबंधन कार्यों और NAQUIM के तहत किए गए वैज्ञानिक अध्ययनों की सराहना की गई। इस अवसर पर NAQUIM 1.0 और NAQUIM 2.0 के अंतर्गत नवादा जिले से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन तथा जिला रिचार्ज योजना (DRP) प्रस्तुत की गई। केंद्रीय भूजल बोर्ड के डेटा पोर्टल के माध्यम से भूजल डेटा के प्रसार और उसके उपयोग की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण और सतत भूजल प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए ‘जल शपथ’ ग्रहण की। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रीमती नीलिमा साहू, केंद्रीय भूजल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक श्री राजीव रंजन शुक्ल सहित कई अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। नवादा में 16 अप्रैल 2026 को केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB), मध्य-पूर्वी क्षेत्र, पटना द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला ‘NAQUIM के परिणाम एवं भूजल डेटा के प्रसार’ विषय पर केंद्रित थी। DRDA सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश ने दीप प्रज्वलित कर किया। जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश ने कार्यशाला को नवादा जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मेसकौर जैसे कई प्रखंड गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं, जिसकी स्थिति भविष्य में और बिगड़ सकती है। पूर्व के सर्वेक्षणों से यह स्पष्ट हुआ है कि जिले के कई क्षेत्रों में भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ है। उन्होंने भूजल को एक सीमित संसाधन बताते हुए इसके संरक्षण की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। श्री प्रकाश ने आगामी वर्षों में तीव्र शहरीकरण, नगर निकायों के विस्तार और जल की बढ़ती मांग का उल्लेख किया। उन्होंने इस संभावित जल संकट के समाधान के लिए अभी से समेकित और भविष्योन्मुखी योजनाएं बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। जिला पदाधिकारी ने भविष्य में गन्ना उत्पादन क्षेत्र में संभावित वृद्धि को देखते हुए सिंचाई के लिए वैकल्पिक जल संसाधनों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों से जल संकटग्रस्त क्षेत्रों की पहचान करने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, भूजल उपयोग की प्रभावी निगरानी करने और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। कार्यशाला के दौरान केंद्रीय भूजल बोर्ड के भूजल प्रबंधन कार्यों और NAQUIM के तहत किए गए वैज्ञानिक अध्ययनों की सराहना की गई। इस अवसर पर NAQUIM 1.0 और NAQUIM 2.0 के अंतर्गत नवादा जिले से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन तथा जिला रिचार्ज योजना (DRP) प्रस्तुत की गई। केंद्रीय भूजल बोर्ड के डेटा पोर्टल के माध्यम से भूजल डेटा के प्रसार और उसके उपयोग की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण और सतत भूजल प्रबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए ‘जल शपथ’ ग्रहण की। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रीमती नीलिमा साहू, केंद्रीय भूजल बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक श्री राजीव रंजन शुक्ल सहित कई अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।


