Government Services: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नहीं लगाना पड़ेगा RTO चक्कर, छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक पहुंची सेवाएं

Government Services: ड्राइविंग लाइसेंस के लिए नहीं लगाना पड़ेगा RTO चक्कर, छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक पहुंची सेवाएं

Government Services: महासमुंद में प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासकीय सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनकर सामने आया है। जिले में आयोजित समाधान शिविरों ने विशेष रूप से युवाओं को बड़ी राहत प्रदान की है, जहां अब जरूरी सेवाओं के लिए उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

Government Services: लंबी प्रक्रिया से मिली आजादी

पहले जहां लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए युवाओं को परिवहन कार्यालय जाना पड़ता था, लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था और समय के साथ-साथ अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था, वहीं अब यह सुविधा गांवों में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से आसानी से उपलब्ध हो रही है। इससे न केवल प्रक्रिया सरल हुई है, बल्कि पारदर्शिता और गति भी बढ़ी है।

1755 युवाओं को लर्निंग लाइसेंस

जिले में आयोजित कुल 41 समाधान शिविरों के माध्यम से जिला परिवहन विभाग ने 1755 युवाओं को लर्निंग लाइसेंस जारी कर उन्हें मौके पर ही सौंपा। यह कार्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया, जिससे युवाओं में उत्साह और विश्वास दोनों बढ़ा है। विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार महासमुंद में सर्वाधिक 921 लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए। इसके अलावा पिथौरा में 279, बसना में 208, बागबाहरा में 195 तथा सरायपाली में 152 युवाओं को लर्निंग लाइसेंस प्रदान किए गए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना का लाभ जिले के हर क्षेत्र तक पहुंच रहा है।

युवाओं को लर्निंग लाइसेंस सौपा

समाधान शिविरों में जनप्रतिनिधियों ने युवाओं को लर्निंग लाइसेंस सौंपते हुए उन्हें यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति जागरूक भी किया। अधिकारियों ने इस अवसर पर युवाओं को जिम्मेदार ड्राइविंग के महत्व को समझाया और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। लाभार्थियों में ग्राम झलप की प्रियंका शर्मा ने बताया कि वह लंबे समय से लर्निंग लाइसेंस बनवाना चाहती थीं, लेकिन पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते परिवहन कार्यालय नहीं जा पा रही थीं।

आसानी से मिला लर्निंग लाइसेंस

सुशासन तिहार के समाधान शिविर में पहुंचकर आवेदन करने के बाद उन्हें आसानी से लर्निंग लाइसेंस मिल गया। प्रियंका ने कहा कि अब वे आगे ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करेंगी। इसी तरह ग्राम लाफिनखुर्द के राहुल पटेल ने बताया कि लाइसेंस न होने के कारण उन्हें अक्सर यातायात जांच के दौरान चालान का डर बना रहता था, जिससे वे असहज महसूस करते थे। लेकिन समाधान शिविर में आवेदन करने के कुछ ही समय बाद उनका लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। त्वरित सेवा मिलने से वह बेहद संतुष्ट और खुश हैं।

गांव-गांव तक पहुंची सेवाएं

ग्राम आंवराडबरी के अखिलेश साहू और ग्राम परकोम के कमलेश मन्नाडे ने भी लर्निंग लाइसेंस मिलने पर राहत व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब उन्हें वाहन चलाते समय किसी प्रकार का भय नहीं रहेगा और वे नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित रूप से बाइक चला सकेंगे। सभी हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से शासन की सेवाएं वास्तव में अब गांव-गांव तक पहुंच रही हैं और आमजन को सीधा लाभ मिल रहा है।

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