Gonda News: गोंडा में स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों की सुविधा के लिए नई पहल शुरू की है। अब सांप या कुत्ता काटने की घटना और झोलाछाप चिकित्सकों से जुड़ी शिकायत सीधे स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम में दर्ज कराई जा सकेगी। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से दो दूरभाष नंबर जारी किए गए हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दें।
अब आम लोग इन मामलों की सूचना सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम में दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से दो फोन नंबर जारी किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, किसी व्यक्ति को सांप या कुत्ता काटने की घटना होने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी जा सकती है। इसके अलावा जिले में कहीं झोलाछाप चिकित्सक द्वारा इलाज किए जाने की जानकारी मिलने पर भी लोग कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इन नंबरों पर करें कॉल
स्वास्थ्य विभाग ने शिकायत दर्ज कराने के लिए 05262-227855 और 7398999705 नंबर जारी किए हैं। आमजन इन नंबरों पर फोन कर सांप या कुत्ता काटने की घटना अथवा झोलाछाप चिकित्सकों से संबंधित शिकायत की जानकारी विभाग को दे सकते हैं। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसी शिकायतों पर समय से संज्ञान लेना है। जिससे जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में तेजी लाई जा सके। वहीं, झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकेगी।
तत्काल सूचना देने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप या कुत्ता काटने की घटना को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी तत्काल विभाग को दें। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं के बाद समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना महत्वपूर्ण होता है। विभाग को सूचना मिलने पर संबंधित मामले में आवश्यक कदम उठाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई व्यक्ति बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करता है। या झोलाछाप चिकित्सक के रूप में काम कर रहा है। तो इसकी सूचना भी कंट्रोल रूम के नंबरों पर दें। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से एक ओर लोगों को शिकायत दर्ज कराने के लिए सीधा माध्यम मिलेगा। वहीं दूसरी ओर झोलाछाप चिकित्सकों पर कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों की निगरानी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

