Physical Gold vs Digital Gold: अभी तक सोना दुकान पर जाकर खरीदा जाता था। इसके लिए एक पूरा प्रोसेस है, जिसको फॉलो करना पड़ता है। दुकान पर जाकर रेट पता करना, असली है या नकली, किसी भी तरह की धोखाधड़ी की आशंका और सबसे ज्यादा मुश्किल कि कम से कम एक तय कीमत का गोल्ड खरीदना पड़ता है। लेकिन अब सबकुछ ऑनलाइन मिलता है।
इसी तरह सोना भी ऑनलाइन खरीदा और बेचा जा सकता है। ऑनलाइन खरीदे गए सोने को डिजिटल गोल्ड कहते हैं। इसे खरीदना बेहद आसान है, घर बैठे-बैठे इसे मोबाइल से खरीदा जा सकता है। डिजिटल गोल्ड की सबसे ज्यादा खास बात यह है कि इसे सिर्फ 10 रुपये से भी खरीदा जा सकता है। आइए समझते हैं इसे कैसे खरीदा जाता है? इसके लिए क्या करना पड़ता है? क्या डिडिटल गोल्ड को फिजिकल गोल्ड में बदला जा सकता है?
डिजिटल गोल्ड कैसे खरीदा जाता है?
डिजिटल गोल्ड खरीदने के लिए निवेशक फिनटेक प्लेटफॉर्म, पेमेंट ऐप्स और ब्रोकरेज ऐप्स का उपयोग कर सकते हैं। डिजिटल गोल्ड आपके नाम पर खरीद कर ब्रोकरेज ऐप्स के द्वारा सुरक्षित वॉल्ट (तिजोरी) में रखा जाता है। यह आपके घर नहीं आता लेकिन अगर आप चाहे तो इसकी फिजिकल डिलीवरी भी ले सकते हैं। यहां से आपको 24 कैरेट गोल्ड मिलता है और अगर आप इसे होल्ड रखना चाहे और भविष्य में बेचना चाहे तो यह भी बहुत आसान है।
बढ़ रहा है इसका चलन लेकिन है एक पेच
डिजिटल गोल्ड में लोग अब निवेश करने लगे हैं क्योंकि इसमें छोटी रकम से निवेश किया जा सकता है। इसके साथ ही घर बैठे खरीदारी की जाती है। आपको गोल्ड स्टोर करके रखने की झंझट नहीं होती। लेकिन इसमें एक पेच है डिजिटल गोल्ड पर SEBI और RBI की निगरानी नहीं है। इसका मतलब है कि निवेशकों को पूरी तरह उस प्लेटफॉर्म और उसके वॉल्ट पार्टनर के भरोसे पर रहना होता है।
डिजिटल गोल्ड कैसे काम करता है?
डिजिटल गोल्ड खरीदने पर आपको प्लेटफॉर्म की तरफ से खरीद का प्रूफ (दस्तावेज) मिलता है। इस प्रूफ में आपकी खरीदारी से जुड़ी सारी जानकारी शामिल होती है। इसमें गोल्ड खरीदने की तारिख और समय, खरीदे गए गोल्ड का वजन, प्रति ग्राम कीमत, आपके द्वारा चुकाई गई रकम शामिल होती है। दस्तावेज इस बात का प्रमाण होते हैं कि आपके नाम पर उतनी मात्रा का गोल्ड खरीदा गया है।
क्या डिजिटल गोल्ड के टैक्स नियम अलग हैं?
भारत में डिजिटल गोल्ड पर लगने वाले टैक्स नियम और चार्जेस वैसे ही हैं जैसे फिजिकल गोल्ड पर लगते हैं। इसमे शामिल हैं-
- Short-Term Capital Gains (STCG)
अगर निवेशक खरीद के 24 महीने के भीतर डिजिटल गोल्ड बेच देता है, तो उस पर होने वाला मुनाफा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा। यह लाभ आपकी कुल टैक्सेबल इनकम में जुड़ जाएगा और आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। - Long-Term Capital Gains (LTCG)
अगर डिजिटल गोल्ड 24 महीने से ज्यादा समय तक होल्ड किया जाता है, तो उस पर होने वाला मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा। ऐसे मामलों में 12.5 फीसदी टैक्स देना होगा और इसमें इंडेक्सेशन का लाभ नहीं मिलेगा।


