Goa Assembly में ही होगी Anti Conversion Bill पर चर्चा, CM Pramod Sawant ने किया साफ

Goa Assembly में ही होगी Anti Conversion Bill पर चर्चा, CM Pramod Sawant ने किया साफ

धर्मांतरण रोधी विधेयक के मसौदे का विरोध बढ़ने के बीच गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि इस विधेयक पर कोई भी चर्चा 31 अगस्त से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन के भीतर ही होगी। कैबिनेट द्वारा स्वीकृत ‘गोवा गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध विधेयक, 2026’ में बलपूर्वक, दबाव, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, कपटपूर्ण साधनों या विवाह के माध्यम से कथित धर्मांतरण के लिए सख्त सजा का प्रस्ताव है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और निर्दलीय विधायक अलेक्सो रेजिनाल्डो लॉरेंको सहित विपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध करते हुए दावा किया है कि इससे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है।

सावंत ने विपक्ष के विरोध पर बृहस्पतिवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘विधेयक को सदन में पेश होने दीजिए। हम वहीं इस पर चर्चा करेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने इस प्रस्तावित कानून पर अन्य कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यह विधेयक आगामी तीन दिवसीय मानसून सत्र के दौरान राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।

विधेयक के तहत अपराधियों को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा कम से कम 50,000 रुपये का जुर्माना और पीड़ितों को पांच लाख रुपये तक का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। प्रस्तावित कानून में उस विवाह को ‘‘अवैध’’ घोषित करने का भी प्रावधान है, जो केवल धर्मांतरण के उद्देश्य से किया गया हो।

इस अपराध के दोषी पाए जाने वाले हिंदू पुजारियों और मुस्लिम मौलवियों सहित अन्य लोगों को न्यूनतम 10 वर्ष के कारावास की सजा हो सकती है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य पहले ही धर्मांतरण रोधी कानून बना चुके हैं।

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