जर्मनी की एक आवासीय इमारत में आग लगने की घटना में मारे गए केरलम के तीन लोगों के शव शुक्रवार को भारत लाए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान एर्नाकुलम जिले के कलाडी निवासी सिविन जॉनी (26), इडुक्की जिले के कट्टप्पना निवासी नोवा साबू (25) और कोल्लम जिले के चेम्मक्कड निवासी अंजलि शीला जॉय (27) के रूप में हुई है।
खबरों के मुताबिक, तीनों की पिछले हफ्ते जर्मनी के बोखुम शहर में एक आवासीय इमारत में आग लगने की घटना में मौत हो गई थी। कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (सीआईएएल) के अधिकारियों ने बताया कि जॉनी और जॉय के शव शुक्रवार तड़के हवाई अड्डे लाए गए। मृतकों के परिजन और जनप्रतिनिधियों ने शवों को प्राप्त किया, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से उनके पैतृक स्थानों पर ले जाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जॉनी के शव को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अलुवा के एक अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद उसे कलाडी के पास मणिकमंगलम स्थित जॉनी के घर ले जाया गया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि जॉनी के घर पर अपराह्न दो बजे अंतिम संस्कार की प्रार्थना शुरू हुई, जिसके बाद मणिकमंगलम के सेंट रॉकी चर्च में शव को दफनाया गया। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जॉय के शव को भी उसके पैतृक स्थान ले जाया गया।
उन्होंने बताया कि साबू का शव एक अन्य विमान से ले आया गया, जो रात आठ बजकर 40 मिनट पर सीआईएएल पर उतरा। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया, जो उसे उनके पैतृक स्थान ले गए। अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार की एजेंसी ‘नोरका रूट्स’ ने शवों को केरलम लाने की व्यवस्था की।
इससे पहले, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने घोषणा की थी कि शवों को केरलम लाने का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

