Galactorrhea: प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के बिना भी स्तनों से निकल रहा दूध? हो सकता है गैलक्टोरिया, मेयो क्लिनिक से जानें इसके कारण

Galactorrhea: प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के बिना भी स्तनों से निकल रहा दूध? हो सकता है गैलक्टोरिया, मेयो क्लिनिक से जानें इसके कारण

Galactorrhea Cause: प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) के दौरान या बच्चे को जन्म देने के बाद स्तनों से दूध आना बिल्कुल सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया है। लेकिन क्या हो अगर बिना किसी प्रेग्नेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के अचानक स्तनों से दूध या सफेद जैसा तरल पदार्थ निकलने लगे? अक्सर महिलाएं इस स्थिति को देखकर घबरा जाती हैं या शर्मिंदगी और झिझक के कारण किसी से बात नहीं कर पातीं। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को Galactorrhea (गैलक्टोरिया) कहा जाता है। यह अपने आप में कोई कैंसर या जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन यह आपके शरीर में हो रहे किसी अंदरूनी हार्मोनल बदलाव या सेहत से जुड़ी समस्या का शुरुआती संकेत जरूर हो सकती है। गैलक्टोरिया केवल महिलाओं में ही नहीं, बल्कि कभी-कभार पुरुषों और नवजात शिशुओं में भी देखने को मिल सकता है। आइए समझते हैं कि यह समस्या क्यों होती है और इसके पीछे क्या-क्या कारण हो सकते हैं।

क्या होता है Galactorrhea (गैलक्टोरिया)?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, बिना गर्भवती हुए या बिना बच्चे को दूध पिलाए स्तनों से दूध जैसा तरल पदार्थ (Milky Discharge) बहना ही गैलक्टोरिया कहलाता है। यह डिस्चार्ज एक या दोनों स्तनों से हो सकता है। यह कभी अपने आप बहने लगता है तो कभी स्तनों को दबाने या छूने पर बाहर आता है। यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि गैलक्टोरिया में निकलने वाला तरल पदार्थ केवल दूध जैसा सफेद या पारदर्शी होता है। अगर डिस्चार्ज में खून आ रहा हो, वह पीला या भूरा हो, तो यह गैलक्टोरिया से अलग किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है, जिसके लिए तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

शरीर में प्रोलैक्टिन (Prolactin) हार्मोन का खेल

गैलक्टोरिया होने के पीछे सबसे बड़ा हाथ प्रोलैक्टिन नाम के हार्मोन का होता है। यह हार्मोन हमारे दिमाग में मौजूद पिट्यूटरी ग्रंथि (Pituitary Gland) द्वारा बनाया जाता है। प्रोलैक्टिन का मुख्य काम शरीर में दूध का निर्माण करना होता है। सामान्य तौर पर, प्रेग्नेंसी के बाद इस हार्मोन का स्तर बढ़ता है ताकि मां बच्चे के लिए दूध बना सके। लेकिन जब किसी वजह से बिना प्रेग्नेंसी के भी शरीर में प्रोलैक्टिन का स्तर जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है (जिसे Hyperprolactinemia कहते हैं), तो स्तनों से दूध निकलने लगता है।

इसके मुख्य कारण क्या-क्या हो सकते हैं?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, गैलक्टोरिया होने के पीछे कई अलग-अलग वजहें हो सकती हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कारण नीचे दिए गए हैं;

  • पिट्यूटरी ग्रंथि में गांठ (Prolactinoma)।
  • दवाओं का साइड इफेक्ट।
  • थायराइड की समस्या (Hypothyroidism)।
  • स्तनों की अत्यधिक उत्तेजना (Breast Stimulation)।
  • किडनी या लीवर की बीमारी।
  • हर्बल सप्लीमेंट्स और नशीले पदार्थ।

पुरुषों और शिशुओं में गैलक्टोरिया

  • पुरुषों में- जब पुरुषों के शरीर में प्रोलैक्टिन बढ़ता है या टेस्टोस्टेरोन हार्मोन कम होता है, तो उन्हें भी यह समस्या हो सकती है। पुरुषों में इसके साथ स्तनों का आकार बढ़ना (Gynecomastia), कामेच्छा में कमी या नपुंसकता जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।
  • नवजात शिशुओं में- कभी-कभी जन्म के तुरंत बाद नवजात बच्चों (लड़कों और लड़कियों दोनों) के स्तनों से दूध जैसा पदार्थ निकलने लगता है। यह मां के शरीर से बच्चे में आए हार्मोन्स की वजह से होता है और कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है।

डॉक्टर से संपर्क कब करें?

अगर आपको बिना किसी स्पष्ट वजह के स्तनों से डिस्चार्ज महसूस हो रहा है, तो झिझकने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं, खास तौर पर तब जब;

  • डिस्चार्ज में खून आ रहा हो या उसका रंग हरा/पीला हो।
  • स्तन में कोई गांठ (Lump) महसूस हो रही हो।
  • इसके साथ सिरदर्द या धुंधला दिखाई देने जैसी परेशानी हो रही हो।
  • पीरियड्स अनियमित (Irregular periods) हो गए हों।

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