ममता सरकार के पूर्व मंत्री Sujit Bose की गिरफ्तारी ने बंगाल में भूचाल ला दिया है। ED का दावा है कि बोस ने क्लर्क और सफाईकर्मी की नौकरी के बदले आलीशान लग्जरी फ्लैट और करोड़ों की नकदी डकार ली है।
Sujit Bose Arrest: पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी से हड़कंप मच गया है। ED का दावा है कि सुजीत बोस ने नगर पालिका भर्ती में क्लर्क और सफाईकर्मी की नौकरी दिलाने के बदले करोड़ों का कैश और लग्जरी फ्लैट वसूले हैं। जांच में सामने आया कि अयन सिल (Ayan Sil) की कंपनी के साथ मिलकर OMR शीट में भी धांधली की गई। जांच में सहयोग न करने पर हुई इस गिरफ्तारी के बाद अब बोस 10 दिन की रिमांड पर हैं, जिससे कई बड़े राजनेताओं के नाम सामने आने की उम्मीद है।
करोड़ों का कैश और आलीशान फ्लैट
ED ने कोर्ट में साफ कहा है कि सुजीत बोस इस पूरे नगर पालिका भर्ती घोटाले के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, सुजीत ने रसूख का इस्तेमाल करके अयोग्य लोगों को नौकरियां दिलवाईं। बदले में उन्हें न केवल कैश मिला, बल्कि महंगे फ्लैट्स भी गिफ्ट किए गए। इन पैसों को ठिकाने लगाने के लिए बोस ने अपने बिजनेस का सहारा लिया और ब्लैक मनी को व्हाइट करने की कोशिश की।
ED ने कहा- जांच में नहीं किया सहयोग
जांच के दौरान सुजीत बोस का रवैया बेहद खराब रहा। ED ने बताया कि ‘बोस को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार समन भेजा गया था, लेकिन वे लगातार पेश होने से बचते रहे।’ जब वे पूछताछ के लिए आए भी, तो अधिकारियों ने उनके जवाबों को भ्रामक पाया। एजेंसी ने कहा, ‘पूछताछ के दौरान उनकी तरफ से सहयोग की पूरी कमी देखी गई,’ जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी जरूरी हो गई।
OMR शीट से लेकर झाड़ू-पोछा भर्ती तक धांधली
यह घोटाला सिर्फ ऊंचे पदों तक सीमित नहीं था। कांचड़ापाड़ा, न्यू बैरकपुर और कमरहाटी जैसी जगहों पर चपरासी, स्वीपर और ड्राइवर की भर्ती में भी जमकर पैसे वसूले गए। अयन सिल (Ayan Sil) की कंपनी एबीएस इन्फोजोन प्राइवेट लिमिटेड (ABS Infozon Pvt Ltd) ने अयोग्य उम्मीदवारों को पास कराने के लिए OMR शीट में हेराफेरी की। छापेमारी में ED को 3.45 करोड़ रुपये कैश और कई डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं।
10 दिन की रिमांड, अब खुलेंगे कई बड़े राज
फिलहाल सुजीत बोस 10 दिनों की ED कस्टडी में हैं। एजेंसी अब उन बड़े राजनेताओं के नाम उगलवाने की कोशिश कर रही है, जो इस रैकेट का हिस्सा थे। कोलकाता की कोर्ट के आदेश के बाद अब कड़ाई से पूछताछ शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में कुछ और बड़े विकेट गिर सकते हैं।


