Fine on Private school: बच्चे को एडमिशन नहीं देने वाले स्वरंग किड्स एकेडमी पर DEO ने ठोंका 1 लाख का जुर्माना, स्कूल का संचालन भी स्थगित

Fine on Private school: बच्चे को एडमिशन नहीं देने वाले स्वरंग किड्स एकेडमी पर DEO ने ठोंका 1 लाख का जुर्माना, स्कूल का संचालन भी स्थगित

अंबिकापुर। सरगुजिहा बोली बोलने पर शहर के एक निजी स्कूल ने नर्सरी कक्षा में बच्चे को एडमिशन नहीं दिया था। बच्चे के पिता ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की थी। कलेक्टर के निर्देश पर डीईओ ने स्कूल के प्राचार्य व प्रबंधक को 17 अप्रैल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर डीईओ ने स्कूल पर 1 लाख रुपए का जुर्माना (Fine on Private school) ठोंका है। वहीं स्कूल का संचालन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।

बता दें कि शहर के चोपड़ापारा निवासी राजकुमार यादव के 4 साल के बेटे का नर्सरी में एडमिशन लेने से चोपड़ापारा में ही स्थित स्वरंग किड्स एकेडमी ने मना कर दिया था। राजकुमार यादव ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने यह कहकर उसका एडमिशन नहीं लिया कि बच्चा सिर्फ सरगुजिहा बोली (Fine on Private school) बोलता है। हमारे टीचर उसकी भाषा नहीं समझ पाते हैं।

Fine on private school
Parents with child (Photo- Patrika)

स्कूल प्रबंधन ने सप्ताह भर डेमो क्लास लेने के बाद भी बच्चे को एडमिशन नहीं दिया। प्रिंसिपल ने उससे कहा कि आपका बच्चा सरगुजिहा भाषा में बात करता है और जो बड़े घरों के बच्चे आते हैं वे हिंदी में बात करते है। ऐसे में आपके बच्चे की भाषा वे सीख जाएंगे। हम आपके बच्चे को एडमिशन (Fine on Private school) नहीं दे पाएंगे।

Fine on Private school: लगा 1 लाख का जुर्माना

पीडि़त पिता का आरोप सामने आने के बाद एनएसयूआई जिलाध्यक्ष व कार्यकर्ताओं ने मामले की शिकायत कलेक्टर से की थी। कलेक्टर के आदेश पर डीईओ ने स्कूल को नोटिस (Fine on Private school) जारी किया था। नोटिस में लिखा कि आपका उक्त कृत्य नवीन शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के सर्वथा विपरीत है।

Fine on Private school
Notice to School (Photo- Patrika)

प्रबंधन को मान्यता दस्तावेजों के साथ जवाब प्रस्तुत करने कहा गया था। संतोषजनक जवाब व दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर डीईओ ने स्वरंग किड्स एकेडमी पर शनिवार को 1 लाख रुपए का जुर्माना (Fine on Private school) ठोंका। वहीं बिना मान्यता के चल रहे स्कूल का संचालन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया।

बच्चे का दूसरे स्कूल में हुआ एडमिशन

इधर बच्चे का एडमिशन (Fine on Private school) शहर के बचपन प्ले स्कूल में नि:शुल्क किया गया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया था। वहीं एआईसीसी सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंहदेव की पहल पर उक्त स्कूल द्वारा बच्चे को नि:शुल्क प्रवेश दिया गया। इससे पीडि़त पिता के चेहरे पर मुस्कान देखी गई।

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