FIFA Election 2027 बना Gianni Infantino के लिए अग्निपरीक्षा, घटते समर्थन और Legal Battles के बीच पेश की दावेदारी

FIFA Election 2027 बना Gianni Infantino के लिए अग्निपरीक्षा, घटते समर्थन और Legal Battles के बीच पेश की दावेदारी

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर अब काफी हद तक विराम लगता दिख रहा है। नेतृत्व को लेकर बढ़ती आलोचना और संभावित कानूनी कार्रवाई के बीच इन्फेंटिनो ने साफ कर दिया है कि वह अगले साल होने वाले फीफा अध्यक्ष पद के चुनाव में फिर से अपनी दावेदारी पेश करेंगे। फीफा ने रविवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उनके चुनाव लड़ने की योजना में कोई बदलाव नहीं हुआ है।फीफा के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि इन्फेंटिनो 2027 में अध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुनाव लड़ेंगे। इससे कुछ घंटे पहले ही पोलैंड में अंडर-20 महिला विश्व कप के दौरान इन्फेंटिनो से उनके राजनीतिक और संगठनात्मक भविष्य को लेकर सवाल पूछे गए थे, लेकिन उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब देने से परहेज किया था।बता दें कि 56 वर्षीय जियानी इन्फेंटिनो ने इसी साल अप्रैल में ही 2027 के चुनाव में दोबारा उतरने की घोषणा कर दी थी। हालांकि, पिछले कुछ समय में फीफा के भीतर और उसके बाहर उनके नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ा है। खास तौर पर विश्व कप से जुड़े कमर्शियल अधिकारों को निजी निवेशकों को देने की उनकी योजना को लेकर कई फुटबॉल संगठनों और आलोचकों ने सवाल उठाए हैं।ब्रिटिश प्रसारक स्काई न्यूज से बातचीत में इन्फेंटिनो ने कहा कि इस विषय पर बहुत कुछ कहने को है, लेकिन उसके लिए सही जगह और सही समय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उस दिन उनका ध्यान फुटबॉल पर था और फीफा दुनिया के हर हिस्से को फुटबॉल में भाग लेने का अवसर देने के लिए काम करता रहेगा।गौरतलब है कि इन्फेंटिनो पिछले करीब एक दशक से विश्व फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली पदों में से एक पर हैं। वर्ष 2016 में सेप ब्लाटर के इस्तीफे के बाद हुए विशेष फीफा सम्मेलन में वह अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद 2019 और 2023 में भी उन्हें अध्यक्ष पद मिला। फीफा के नियमों के मुताबिक अध्यक्ष अधिकतम तीन कार्यकाल पूरा कर सकता है और प्रत्येक कार्यकाल चार साल का होता है।हालांकि, इन्फेंटिनो के चौथे कार्यकाल को लेकर विवाद उनके पहले कार्यकाल की गणना से जुड़ा है। वर्ष 2022 में उन्होंने तर्क दिया था कि 2016 में शुरू हुआ उनका पहला कार्यकाल पूरा कार्यकाल नहीं था, क्योंकि उन्होंने बीच में छोड़े गए कार्यकाल को पूरा किया था। इसलिए उसे तीन कार्यकाल की सीमा में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इसी आधार पर वह 2027 में फिर से चुनाव लड़ने की स्थिति में हैं।उनकी इस व्याख्या को लेकर आलोचकों और अधिकार संगठनों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने फीफा की शासन, लेखा और अनुपालन समिति से इन्फेंटिनो की चुनावी दावेदारी रोकने की मांग भी की है। इस बीच कई क्षेत्रीय फुटबॉल महासंघों और राष्ट्रीय संघों के बीच उनका समर्थन पहले की तुलना में कमजोर होने की बात सामने आई है।मौजूद जानकारी के अनुसार, इन्फेंटिनो की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीबी संबंधों को लेकर भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा है। दिसंबर में वॉशिंगटन में 2026 विश्व कप के कार्यक्रम के दौरान इन्फेंटिनो ने ट्रंप को पहला फीफा शांति पुरस्कार दिया था। इस फैसले की अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में तीखी आलोचना हुई थी।इसके अलावा विश्व कप और फीफा की अन्य प्रतियोगिताओं से होने वाली भविष्य की कमाई में निजी निवेशकों को हिस्सेदारी देने की योजना ने भी विवाद बढ़ाया। इस योजना से जुड़े निवेशक समूह का नेतृत्व अमेरिकी कारोबारी जोशुआ कुशनर कर रहे थे, जो ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के छोटे भाई हैं। बाद में यह योजना वापस ले ली गई, लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ।पिछले महीने यूरोपीय फुटबॉल संघ ने अमेरिका की एक संघीय अदालत से फीफा से जुड़े दस्तावेज और अधिकारियों की गवाही हासिल करने की अनुमति मांगी थी। इसका इस्तेमाल स्विट्जरलैंड में इन्फेंटिनो और संभवतः फीफा के अन्य अधिकारियों तथा सलाहकारों के खिलाफ संभावित आपराधिक शिकायत से जुड़े मामले में किया जाना था। यूरोपीय संघ ने फीफा की कमर्शियल अधिकारों से जुड़ी उस योजना को इस कार्रवाई का आधार बताया था, जिसमें पुरुष और महिला विश्व कप तथा क्लब विश्व कप से जुड़े अधिकारों को एक नई कंपनी में ट्रांसफर करने का प्रस्ताव था।फीफा ने यूरोपीय संघ के आरोपों को खारिज करते हुए इसे अपने नेतृत्व के खिलाफ बदनाम करने का अभियान बताया है। फीफा का कहना है कि जब तक स्विट्जरलैंड या किसी अन्य जगह औपचारिक आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं हुई है, तब तक यूरोपीय संघ को फीफा के आंतरिक दस्तावेज मांगने का अधिकार नहीं है।अब सबकी नजर 18 मार्च 2027 पर है। इसी दिन मोरक्को की राजधानी रबात में होने वाले फीफा सम्मेलन में नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। अध्यक्ष पद के सभी दावेदारों को 18 नवंबर 2026 तक अपनी उम्मीदवारी घोषित करनी होगी। चुनाव में फीफा के सभी 211 सदस्य देशों को मतदान का अधिकार होगा और जीत के लिए कम से कम 106 मत हासिल करना जरूरी होगा। ऐसे में इन्फेंटिनो के लिए अगला चुनाव केवल एक और कार्यकाल हासिल करने की कोशिश नहीं, बल्कि घटते समर्थन और बढ़ते विवादों के बीच अपने नेतृत्व की स्वीकार्यता साबित करने की बड़ी परीक्षा भी माना जा रहा है। 

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर अब काफी हद तक विराम लगता दिख रहा है। नेतृत्व को लेकर बढ़ती आलोचना और संभावित कानूनी कार्रवाई के बीच इन्फेंटिनो ने साफ कर दिया है कि वह अगले साल होने वाले फीफा अध्यक्ष पद के चुनाव में फिर से अपनी दावेदारी पेश करेंगे। फीफा ने रविवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उनके चुनाव लड़ने की योजना में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
फीफा के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि इन्फेंटिनो 2027 में अध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुनाव लड़ेंगे। इससे कुछ घंटे पहले ही पोलैंड में अंडर-20 महिला विश्व कप के दौरान इन्फेंटिनो से उनके राजनीतिक और संगठनात्मक भविष्य को लेकर सवाल पूछे गए थे, लेकिन उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब देने से परहेज किया था।
बता दें कि 56 वर्षीय जियानी इन्फेंटिनो ने इसी साल अप्रैल में ही 2027 के चुनाव में दोबारा उतरने की घोषणा कर दी थी। हालांकि, पिछले कुछ समय में फीफा के भीतर और उसके बाहर उनके नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ा है। खास तौर पर विश्व कप से जुड़े कमर्शियल अधिकारों को निजी निवेशकों को देने की उनकी योजना को लेकर कई फुटबॉल संगठनों और आलोचकों ने सवाल उठाए हैं।
ब्रिटिश प्रसारक स्काई न्यूज से बातचीत में इन्फेंटिनो ने कहा कि इस विषय पर बहुत कुछ कहने को है, लेकिन उसके लिए सही जगह और सही समय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उस दिन उनका ध्यान फुटबॉल पर था और फीफा दुनिया के हर हिस्से को फुटबॉल में भाग लेने का अवसर देने के लिए काम करता रहेगा।
गौरतलब है कि इन्फेंटिनो पिछले करीब एक दशक से विश्व फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली पदों में से एक पर हैं। वर्ष 2016 में सेप ब्लाटर के इस्तीफे के बाद हुए विशेष फीफा सम्मेलन में वह अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद 2019 और 2023 में भी उन्हें अध्यक्ष पद मिला। फीफा के नियमों के मुताबिक अध्यक्ष अधिकतम तीन कार्यकाल पूरा कर सकता है और प्रत्येक कार्यकाल चार साल का होता है।
हालांकि, इन्फेंटिनो के चौथे कार्यकाल को लेकर विवाद उनके पहले कार्यकाल की गणना से जुड़ा है। वर्ष 2022 में उन्होंने तर्क दिया था कि 2016 में शुरू हुआ उनका पहला कार्यकाल पूरा कार्यकाल नहीं था, क्योंकि उन्होंने बीच में छोड़े गए कार्यकाल को पूरा किया था। इसलिए उसे तीन कार्यकाल की सीमा में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इसी आधार पर वह 2027 में फिर से चुनाव लड़ने की स्थिति में हैं।
उनकी इस व्याख्या को लेकर आलोचकों और अधिकार संगठनों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने फीफा की शासन, लेखा और अनुपालन समिति से इन्फेंटिनो की चुनावी दावेदारी रोकने की मांग भी की है। इस बीच कई क्षेत्रीय फुटबॉल महासंघों और राष्ट्रीय संघों के बीच उनका समर्थन पहले की तुलना में कमजोर होने की बात सामने आई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इन्फेंटिनो की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीबी संबंधों को लेकर भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा है। दिसंबर में वॉशिंगटन में 2026 विश्व कप के कार्यक्रम के दौरान इन्फेंटिनो ने ट्रंप को पहला फीफा शांति पुरस्कार दिया था। इस फैसले की अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में तीखी आलोचना हुई थी।
इसके अलावा विश्व कप और फीफा की अन्य प्रतियोगिताओं से होने वाली भविष्य की कमाई में निजी निवेशकों को हिस्सेदारी देने की योजना ने भी विवाद बढ़ाया। इस योजना से जुड़े निवेशक समूह का नेतृत्व अमेरिकी कारोबारी जोशुआ कुशनर कर रहे थे, जो ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के छोटे भाई हैं। बाद में यह योजना वापस ले ली गई, लेकिन विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ।
पिछले महीने यूरोपीय फुटबॉल संघ ने अमेरिका की एक संघीय अदालत से फीफा से जुड़े दस्तावेज और अधिकारियों की गवाही हासिल करने की अनुमति मांगी थी। इसका इस्तेमाल स्विट्जरलैंड में इन्फेंटिनो और संभवतः फीफा के अन्य अधिकारियों तथा सलाहकारों के खिलाफ संभावित आपराधिक शिकायत से जुड़े मामले में किया जाना था। यूरोपीय संघ ने फीफा की कमर्शियल अधिकारों से जुड़ी उस योजना को इस कार्रवाई का आधार बताया था, जिसमें पुरुष और महिला विश्व कप तथा क्लब विश्व कप से जुड़े अधिकारों को एक नई कंपनी में ट्रांसफर करने का प्रस्ताव था।
फीफा ने यूरोपीय संघ के आरोपों को खारिज करते हुए इसे अपने नेतृत्व के खिलाफ बदनाम करने का अभियान बताया है। फीफा का कहना है कि जब तक स्विट्जरलैंड या किसी अन्य जगह औपचारिक आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं हुई है, तब तक यूरोपीय संघ को फीफा के आंतरिक दस्तावेज मांगने का अधिकार नहीं है।
अब सबकी नजर 18 मार्च 2027 पर है। इसी दिन मोरक्को की राजधानी रबात में होने वाले फीफा सम्मेलन में नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। अध्यक्ष पद के सभी दावेदारों को 18 नवंबर 2026 तक अपनी उम्मीदवारी घोषित करनी होगी। चुनाव में फीफा के सभी 211 सदस्य देशों को मतदान का अधिकार होगा और जीत के लिए कम से कम 106 मत हासिल करना जरूरी होगा। ऐसे में इन्फेंटिनो के लिए अगला चुनाव केवल एक और कार्यकाल हासिल करने की कोशिश नहीं, बल्कि घटते समर्थन और बढ़ते विवादों के बीच अपने नेतृत्व की स्वीकार्यता साबित करने की बड़ी परीक्षा भी माना जा रहा है।

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