Fatehpur में जमीन विवाद पर दो पक्षों में मारपीट, UP Minister Krishna Paswan की बहन घायल

Fatehpur में जमीन विवाद पर दो पक्षों में मारपीट, UP Minister Krishna Paswan की बहन घायल

कानपुर (उप्र), दो नवंबर फतेहपुर जिले में एक विवादित भूखंड को लेकर दो गुटों के बीच हुई झड़प में उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री कृष्णा पासवान की बड़ी बहन और उनकी गर्भवती बहू कथित तौर पर घायल हो गईं। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, रविवार शाम मलवां थाना क्षेत्र के सुलतानपुर समसाही गांव में पूर्व ग्राम प्रधान और राज्य मंत्री कृष्णा पासवान की बड़ी बहन रमा देवी निषाद पर उस समय कथित तौर पर हमला किया गया, जब वह अपने बेटे और बहू को कुछ लोगों से बचाने की कोशिश कर रही थीं।

उनके बेटे शिव सागर निषाद की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, सनत सिंह गौतम, अभिलाष सिंह गौतम, धनंजय सिंह, लाल सिंह गौतम और रमेश सिंह गौतम समेत आठ लोगों ने उनका रास्ता रोककर उनके साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, दवाइयां खरीदकर घर लौट रहीं रमा देवी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी कथित तौर पर लाठियों, लातों और घूंसों से मारपीट की गई। शिकायत में कहा गया है कि शिव सागर के छोटे भाई की गर्भवती पत्नी रेशमा भी मौके पर पहुंचीं और उसने बीच-बचाव करने की कोशिश की तथा इस दौरान वह भी घायल हो गईं।

शिव सागर ने आरोप लगाया कि धनंजय सिंह के पास राइफल थी और सनत सिंह के पास देसी पिस्तौल थी तथा हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें घटना के दौरान कथित तौर पर हवा में गोलीबारी होती दिखाई दे रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि यह झड़प गंगा नदी के किनारे स्थित एक भूखंड को लेकर हुए विवाद के कारण हुई। इस जमीन पर रमा देवी का परिवार खेती करता था, जबकि जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों में कथित तौर पर दूसरे गुट के एक व्यक्ति का नाम दर्ज है। फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिमन्यु मांगलिक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रारंभिक साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि यह विवाद शिव सागर, उनकी पत्नी रानी और दूसरे गुट के लोगों के बीच हुआ था।

रमा देवी ने भी अपने साथ मारपीट किए जाने का अलग से आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ‘‘घायलों की सोमवार को चिकित्सकीय जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।’’
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायत मिल गई है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

मांगलिक ने बताया कि घटना की जांच के लिए एक पुलिस क्षेत्राधिकारी को गांव भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो की भी जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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