गोरखपुर के रास्ते कंटेनर से शराब की तस्करी की जा रही थी। पंजाब से बिहार के पटना भेजी जा रही 2865 लीटर अंग्रेजी शराब एसटीएफ गोरखपुर और खोराबार पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार की सुबह बरामद की है। कंटेनर में 323 पेटियों में शराब भरी थी। तलाशी में फिनायल का फर्जी ई-वे बिल और दो कूटरचित बिल्टियां भी मिलीं। पुलिस ने राजस्थान के बाड़मेर निवासी चालक थाना राम को गिरफ्तार कर लिया। उसके विरुद्ध जालसाजी और आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। फोरलेन पर एसटीएफ ने पकड़ी ट्रक
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि हरियाणा के अंबाला से शराब की बड़ी खेप कंटेनर में लादकर बिहार भेजी जा रही है। इसके बाद खोराबार क्षेत्र में लखनऊ फोरलेन पर एसटीएफ व खोराबार थाने की पुलिस टीम ने सोमावर की सुबह घेराबंदी कर कंटेनर को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर कंटेनर से 323 पेटियों में कुल 2865 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। फिनालय के नाम पर मिला फर्जी बिल तस्करी के लिए तैयार दस्तावेजों में कंटेनर में फिनायल ले जाने का विवरण दर्ज था। ई-वे बिल भी फिनायल के नाम पर बनाया गया था, जबकि कंटेनर के भीतर शराब की पेटियां भरी थीं। इसके साथ दो बिल्टियां भी मिलीं, जिन्हें पुलिस ने कूटरचित बताया है। इन दस्तावेजों के जरिये शराब की खेप को सामान्य माल बताकर एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी। पूछताछ में चालक थाना राम ने बताया कि शराब की खेप पंजाब के अंबाला ताजपुरा से बिहार के पटना भेजी जा रही थी। पटना के दो लोगों के नाम सामने आए इस सिलसिले में पटना निवासी शिवन सिंह और अनिल बायतू के नाम सामने आए हैं। चालक के अनुसार, अनिल बायतू ने अंबाला से शराब भेजने के लिए उससे संपर्क किया था। उसका मोबाइल नंबर भी चालक के पास मिला है। पुलिस अब इन दोनों की भूमिका की जांच कर रही है। अंबाला स्थित शराब फैक्ट्री के कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी सामने आई है। चालक पहले भी शराब की खेप लेकर जा चुका है। एसटीएफ इस बात की पड़ताल कर रही है कि शराब फैक्ट्री से इतनी बड़ी खेप कैसे बाहर निकाली गई, फिनायल के नाम पर फर्जी ई-वे बिल किसने तैयार किया और कूटरचित बिल्टियां कहां से बनवाई गईं।

