ललितपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पांच अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। मौके से भारी मात्रा में नकली शराब, निर्माण उपकरण और वाहन समेत लाखों रुपए की संपत्ति बरामद की गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीमों ने गंगापुरम कॉलोनी स्थित एक संदिग्ध स्थान पर छापा मारा। यहां अवैध रूप से शराब का निर्माण किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान शराब बनाने के उपकरण, हजारों की संख्या में नकली ढक्कन, लेबल, क्यूआर कोड, खाली बोतलें, ड्रम, आरओ मशीन और सीलिंग मशीन जब्त की गईं। बरामद की गई संपत्तियों में एक ऑडी, एक क्रेटा और एक स्विफ्ट कार के साथ एक मोटरसाइकिल और सात मोबाइल फोन शामिल हैं। कुल बरामद संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 54 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, आरोपियों के पास से 5.50 लाख रुपये नकद मिले हैं, जबकि उनके बैंक खातों में जमा 8.29 लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गिरोह के सरगना रवि लखैरा (पुत्र सुरेश लखैरा, निवासी गंगापुरम कॉलोनी, स्थायी पता ग्राम महेवा, थाना ओरछा रोड, जिला छतरपुर, म.प्र.), चंद्रेश लोधी उर्फ विक्की (पुत्र करन सिंह, निवासी अंडेला, थाना मालथौन, जिला सागर, म.प्र.), मनीष विश्वकर्मा (पुत्र कम्मोद विश्वकर्मा, निवासी ग्राम पढवा, थाना महरौनी, ललितपुर), अंकित विश्वकर्मा (पुत्र मनीष विश्वकर्मा, निवासी जमुनापुरम, स्थायी पता ग्राम पढवा, थाना महरौनी, ललितपुर) और पुष्पेन्द्र ठाकुर (पुत्र सूरज भान, निवासी करदन मजरा नया खेड़ा, कोतवाली ललितपुर) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। वे हरियाणा से स्प्रिट मंगाकर मध्य प्रदेश मार्का की नकली शराब तैयार करते थे। इस नकली शराब को सागर, निवाड़ी, छतरपुर सहित विभिन्न जिलों में सरकारी ठेकों और ढाबों पर बेचा जाता था। अधिक मुनाफा कमाने के लिए वे लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते थे और काम के लिए बाहरी राज्यों से मजदूर बुलाते थे। पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए टीम को 25 हजार रुपये नगद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले में कुछ अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। गिरोह का नेटवर्क कई राजारीज्यों में फैला हुआ है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध शराब के निर्माण व तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।


