गाजीपुर के शादियाबाद कस्बे में एक फर्जी जीएसटी और इनकम टैक्स टीम का भंडाफोड़ हुआ है। गुरुवार शाम एक संगठित गिरोह व्यापारियों से वसूली कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का सरगना फरार है। गिरोह के सदस्य खुद को लखनऊ से आई टीम बताते थे और फर्जी पहचान पत्र दिखाते थे। वे व्यापारियों को स्टॉक जांच और कागजात में गड़बड़ी का डर दिखाकर मोटी रकम की मांग करते थे। सबसे पहले सीताराम किराना स्टोर पर 50 हजार रुपये मांगे गए, जहां 10 हजार रुपये वसूले गए। श्रीनिवास किराना स्टोर पर पहुंचने पर व्यापारियों को शक हुआ, जिसके बाद हंगामा हो गया। हंगामे के दौरान गिरोह का सरगना सरस गुप्ता मौके से फरार हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में वाराणसी और गाजीपुर के निवासी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक चार पहिया वाहन बरामद किया है, जिसका उपयोग वे वसूली के लिए कर रहे थे। सीताराम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शनिवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेज दिया, जबकि अन्य से पूछताछ जारी है। जांच में पता चला है कि गिरोह ऑनलाइन बुक की गई इनोवा क्रिस्टा कार से पहुंचा था, जिससे उनकी योजना सुनियोजित प्रतीत होती है। पुलिस फरार सरगना सरस गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और उसके आवास पर भी छापेमारी की गई है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। इस घटना से व्यापारियों में भारी रोष है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मुख्य आरोपी की जल्द गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। एसपी सिटी राजेश कुमार मिश्रा ने आश्वासन दिया है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


