eMudhra ने SSL और TLS सर्टिफिकेट कारोबार छोड़ा, शेयर 20 प्रतिशत टूटा

eMudhra ने SSL और TLS सर्टिफिकेट कारोबार छोड़ा, शेयर 20 प्रतिशत टूटा

डिजिटल प्रमाणीकरण सेवाएं देने वाली कंपनी ईमुद्रा ने अपने प्रमाणन प्राधिकरणों की ओर से जारी सुरक्षा कुंजियों में खामी सामने आने के बाद सुरक्षित सॉकेट लेयर (एसएसएल) और ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी (टीएलएस) प्रमाणपत्र कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एसएसएल और टीएलएस ऐसे सुरक्षा प्रोटोकॉल हैं, जो इंटरनेट पर वेबसाइट और उपयोगकर्ता के ब्राउजर के बीच भेजी जाने वाली जानकारी को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।

इनका इस्तेमाल करने वाली वेबसाइट के पते की शुरुआत ‘एचटीटीपीएस’ से होती है। इस खबर के बीच कंपनी का शेयर बृहस्पतिवार को बीएसई में 20 प्रतिशत टूटकर 345.25 रुपये के निचले सर्किट पर आ गया। कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘वैश्विक डिजिटल ट्रस्ट कंपनी ईमुद्रा लिमिटेड के निदेशक मंडल ने वैश्विक एसएसएल/टीएलएस प्रमाणपत्र कारोबार से स्वेच्छा से बाहर निकलने का फैसला किया है।’’
ईमुद्रा डिजिटल हस्ताक्षर और वेबसाइट सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करती है, जो इंटरनेट ब्राउजर और वेबसाइट के बीच सुरक्षित कनेक्शन स्थापित करने में मदद करते हैं।

कंपनी के आठ प्रमाणन प्राधिकरणों (सीए) में निर्धारित मानकों के मुकाबले कमजोर सुरक्षा कुंजियों का इस्तेमाल किया गया था। साइबर अपराधी इन सुरक्षा कुंजियों का दुरुपयोग कर किसी वैध भुगतान कंपनी की नकल करने वाली फर्जी वेबसाइट बना सकते थे। इसके जरिये लोगों को भुगतान करने या अपनी निजी जानकारी साझा करने के लिए गुमराह किया जा सकता था।

एक साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला को इस खामी की जानकारी दी थी। शोधकर्ता के मुताबिक, ईमुद्रा के प्रमाणन प्राधिकरणों की ओर से जारी कुछ कमजोर सुरक्षा कुंजियों का कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से विश्लेषण कर उनका गुप्त स्वरूप निकाला जा सकता था। इस मामले का संज्ञान लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) ने ईमुद्रा में सुरक्षा संबंधी घटना की जांच के लिए एक विशेष दल गठित किया है।

ईमुद्रा के चेयरमैन वी. श्रीनिवासन ने वैश्विक एसएसएल/टीएलएस प्रमाणपत्र कारोबार से जुड़ी हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी ने इस मामले को जिम्मेदारी से संभाला। उन्होंने कहा कि खामी का पता चलने के 14 घंटे के भीतर प्रभावित प्रमाणन प्राधिकरणों को निरस्त कर दिया गया और मामले की जानकारी भी समय पर सार्वजनिक की गई। कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘प्रभावित प्रमाणन प्राधिकरणों से अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया था।

कंपनी के बुनियादी ढांचे से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई और न ही कोई डेटा चोरी हुआ। सभी भौतिक और डिजिटल सुरक्षा नियंत्रण बरकरार रहे।’’
श्रीनिवासन ने कहा कि वैश्विक एसएसएल/टीएलएस प्रमाणपत्र कारोबार से कंपनी के कुल वैश्विक राजस्व का करीब एक प्रतिशत ही आता है। कंपनी ने कहा कि डेटा संप्रभुता और अनुपालन संबंधी बढ़ती जरूरतों के कारण इस कारोबार की जटिलता और लागत लगातार बढ़ रही है।

साथ ही, कुछ बड़ी कंपनियां एसएसएल/टीएलएस प्रमाणपत्र मुफ्त में उपलब्ध कराती हैं। ऐसे में कंपनी के कुल राजस्व के मुकाबले इस कारोबार में निवेश पर प्रतिफल और व्यावसायिक संभावनाएं सीमित हो गई हैं। ईमुद्रा ने कहा कि एसएसएल/टीएलएस कारोबार उसके व्यापक डिजिटल समाधान पोर्टफोलियो का एक हिस्सा है।

कंपनी अब अपने मुख्य उद्यम समाधान और एसएसएल/टीएलएस से इतर डिजिटल ट्रस्ट सेवाओं पर अधिक ध्यान देगी, जहां वह ग्राहकों के लिए अधिक मूल्य सृजित कर सकती है।

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