गुरुवार को यूपी बोर्ड के दसवीं के रिजल्ट में जिला टॉप करने वाली दिव्या यादव(95. 67%) के परिवार में खुशी का माहौल है। जब टॉप करने की खबर फैली तो स्कूल के टीचरों सहित काफी शुभेच्छु घर पहुंचकर शुभकामना दिए। बता दें की सहजनवां क्षेत्र के टड़वा कला गांव की रहने वाली दिव्या शुरू से ही पढ़ाई ने तेज थीं, उन्होंने बताया कि पढ़ाई करने के लिए परिवार का पूरा सपोर्ट मिला।
साइकिल से नित्य तीन किमी जाती थी स्कूल
सुबह 5 बजे उठने के बाद एक घंटे पढ़ती थी, इसके बाद घर से तीन किमी दूर रोज साईकिल से स्कूल जाती थी। स्कूल में टीचर द्वारा पढ़ाई गई चीजों को गहराई से समझती थीं। स्कूल से घर आने के बाद एक घंटे सोना होता था, फिर शाम से पढ़ाई शुरू होती थी। दिव्या शाम पांच बजे से रात के 12 बजे तक पढ़ाई करती थी, इसके बाद खाना खाकर थोड़ा रेस्ट फिर रात दो बजे तक पढ़ाई। क्लास नाइन से ही यह रूटीन बना और 10 क्लास के एग्जाम तक जारी रहा।
IIT से इंजीनियरिंग का है सपना, पिता करते हैं इलेक्ट्रिशियन का काम
दिव्या का कहना है कि वह कभी मोबाइल में अपना समय नहीं बर्बाद की, न हो मैं कभी सोशल मीडिया के माध्यम से पढ़ाई के लिए निर्भर नहीं रही। उसने खुद अपने समझ से नोट्स बनाया और जहां दिक्कत हुई वहां टीचर से समाधान करवाकर पढ़ाई की। दिव्या के परिवार में दो बड़े-भाई बहन हैं। पिता बाहर प्राइवेट नौकरी करते हैं। परिवार के खर्चे जो देखते हुए दिव्या ने कभी ट्यूशन के लिए भी पिता से नहीं कही, जो भी चीज आसानी से मिल गई उसका उपयोग कर पढ़ाई की। फिलहाल दिव्या का सपना प्रतिष्ठित IIT कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई का है इसलिए 12th में फिजिक्स,केमेस्ट्री, मैथ सब्जेक्ट से पढ़ाई करेंगी।


