लखनऊ में आईटी-सिटी योजना में ईडी का पेंच:100 करोड़ की जमीनें अटैच, मनी लॉन्ड्रिंग जांच में फंसी कई संपत्तियां; अधिग्रहण से पहले लेनी पड़ सकती है अनुमति

लखनऊ में आईटी-सिटी योजना में ईडी का पेंच:100 करोड़ की जमीनें अटैच, मनी लॉन्ड्रिंग जांच में फंसी कई संपत्तियां; अधिग्रहण से पहले लेनी पड़ सकती है अनुमति

लखनऊ विकास प्राधिकरण की सुल्तानपुर रोड पर विकसित की जा रही आईटी सिटी योजना में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का पेंच फंस गया है। योजना क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपए कीमत की कई ऐसी जमीनें चिन्हित हुई हैं, जिन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी पहले ही अटैच कर चुका है। इससे योजना की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। एलडीए किसान पथ के किनारे करीब 1054 हेक्टेयर क्षेत्र में आईटी सिटी विकसित कर रहा है। योजना में 11 गांव शामिल हैं और इसे लैंड पूलिंग मॉडल पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत प्राधिकरण जमीन मालिकों से भूमि लेकर बदले में विकसित प्लॉट दे रहा है। 10 एकड़ से ज्यादा जमीन देने वालों को 50 प्रतिशत तक विकसित भूखंड वापस दिए जा रहे हैं। अब तक एलडीए करीब 300 हेक्टेयर जमीन ही प्राप्त कर पाया है, जबकि लगभग 750 हेक्टेयर भूमि अभी शेष है। एक साल गुजरने के बाद भी पर्याप्त जमीन न मिलने पर प्राधिकरण अधिग्रहण की तैयारी कर रहा है। इसी प्रक्रिया के दौरान कई ऐसी जमीनें सामने आईं, जिन पर ईडी की कार्रवाई चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, अटैच की गई जमीनें एक बिल्डर से जुड़ी बताई जा रही हैं। यह संपत्तियां वर्ष 2013 के आसपास खरीदी गई थीं। ईडी ने संबंधित रजिस्ट्रियों का ब्यौरा जिला प्रशासन और तहसील अधिकारियों को भी भेजा है। योजना में शामिल गांव बक्कास, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, मोहारी कला, खुजौली, भटवारा, सोनई कंजेहरा और पहाड़ नगर टिकरिया गांव योजना क्षेत्र में शामिल हैं। एलडीए बोला- योजना पर असर नहीं एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि अधिग्रहण के दौरान जिलाधिकारी स्तर पर ऐसे मामलों का निस्तारण हो जाता है। इससे आईटी सिटी योजना प्रभावित नहीं होगी।

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