पंजाब विधानसभा ने शुक्रवार को एक आधिकारिक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान चुनावी प्रक्रियाओं और चुनाव आयोग (EC) के कामकाज में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। पंजाब विधानसभा सत्र के दूसरे दिन, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में यह प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कथित ‘वोट लूट’ को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला और इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
इसे भी पढ़ें: Delhi में SIR के खिलाफ सड़क पर उतरे वाम दल, CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग, कई हिरासत में
उन्होंने दावा किया कि ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) की आड़ में देशभर में मतदाता सूचियों से 14 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। पंजाब विधानसभा ने इन दावों पर चिंता जताई है कि नागरिकों को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। साथ ही, सदन ने सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है। प्रस्ताव में कहा गया है कि यह सदन दृढ़ता से दोहराता है कि लोकतंत्र में हर पात्र नागरिक का वोट कीमती है। किसी भी नागरिक को अवैध रूप से वोट देने के अधिकार से वंचित करना, संवैधानिक लोकतंत्र के मूल मूल्यों के खिलाफ है।
इसमें आगे कहा गया है कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए लोगों के मतदान अधिकारों की रक्षा करना और चुनाव संस्थाओं की जवाबदेही तय करना बहुत जरूरी है। प्रस्ताव में कहा गया है कि यह सदन मांग करता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के नेतृत्व में एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच तंत्र बनाया जाए। यह तंत्र चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में हुई कथित अनियमितताओं की जांच करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जवाबदेही तय की जा सके।
इसे भी पढ़ें: Gyanesh Kumar के खिलाफ विपक्ष के दबाव पर लोकसभा अध्यक्ष Om Birla का बड़ा बयान: ‘नियमों के अनुसार होगी नए नोटिस की जांच’
इसमें यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक उल्लंघन के ठोस सबूत मिलते हैं, तो कानून के अनुसार उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। प्रस्ताव पेश करते हुए चीमा ने भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह गरीबों से उनके वोट देने का अधिकार छीन रही है। उन्होंने पिछले साल हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि भाजपा ‘वोट चोरी’ करके सत्ता में आई है। प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए, आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक इंद्रजीत कौर मान ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और मांग की कि मतदान केवल बैलेट पेपर के जरिए ही कराया जाए।

