दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के पहले चरण में शुक्रवार को लगभग 36 प्रतिशत मतदान हुआ, और संध्याकालीन कक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए मतदान अभी जारी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सुबह 8.30 बजे ‘सेंट्रल पैनल’ के चार पदों – अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव – और कॉलेज प्रतिनिधियों के लिए मतदान शुरू हुआ।
पिछले साल, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के ज़्यादातर कॉलेजों में हुए छात्र संघ चुनावों में लगभग 39.45 प्रतिशत मतदान हुआ था। चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) तथा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा)-स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) गठजोड़ ने उम्मीदवार उतारे हैं। एबीवीपी ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास, उपाध्यक्ष के लिए इशू मौर्य, सचिव के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव के लिए लक्ष्य राज सिंह को मैदान में उतारा है।
एनएसयूआई के उम्मीदवारों में अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष के लिए वीर चतरथ, सचिव के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव के लिए गोपाल चौधरी शामिल हैं। आइसा-एसएफआई गठबंधन ने अध्यक्ष पद के लिए अनन्या रतूड़ी, उपाध्यक्ष पद के लिए अक्षत शिखर, सचिव पद के लिए स्टैनज़िन डेस्क्योंग और संयुक्त सचिव पद के लिए बी. पारिजात को उम्मीदवार बनाया है। यह चुनाव 2025 में एबीवीपी द्वारा ‘सेंट्रल पैनल’ के चार में से तीन पदों (अध्यक्ष सहित) पर जीत हासिल करने और एनएसयूआई द्वारा उपाध्यक्ष का पद जीतने के एक साल बाद हो रहा है।
डीयू के अधिकारियों ने बताया कि इस साल कुल 1,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) लगाई गई हैं, जिनमें से 960 का इस्तेमाल मतदान के लिए किया जा रहा है और 40 को रिजर्व में रखा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज किशोर शर्मा ने कहा कि मतदान के दौरान 12 नियंत्रण कक्ष संचालित किये जा रहे हैं और ईवीएम में किसी भी तरह की गड़बड़ी को ठीक करने के लिए तकीनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि मतगणना शनिवार को होगी।

