पटना पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले तीन महीनों में 45 करोड़ रुपये से अधिक के नशीले पदार्थ बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, कुल बरामदगी का करीब 60 से 70% हिस्सा शहर के पूर्वी इलाकों से हुआ है। इसमें एंटी वेनम सिरम, बूप्रेनोरफीन, एविल इंजेक्शन और प्रतिबंधित कफ सिरप शामिल हैं। एंटी वेनम सिरम का इस्तेमाल स्नेक बाइट केस में इलाज के लिए किया जाता है। पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि, नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। NDPS से जुड़े मामलों में रिकवरी और गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें पत्रकार नगर थाना, चित्रगुप्त नगर थाना, सुल्तानगंज थाना, बहादुरपुर थाना, गोपालपुर थाना और मुसल्लहपुर थाना के SHO शामिल हैं। 6 अप्रैल को 1 करोड़ की खेप जब्त किया पटना पुलिस ने 6 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस को 9,370 यूनिट नशीले इंजेक्शन और 5,537 यूनिट कोडीन युक्त कफ सिरप मिले हैं। इसके अलावा एंटीबायोटिक और एंटी-वेनम जैसी दवाएं भी बरामद की गईं। नशीले इंजेक्शन और दवा की रिकवरी अप्रैल महीने में पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से भारी मात्रा में नशीली दवाएं और इंजेक्शन जब्त किए— बूप्रेनोरफीन, एविल इंजेक्शन का खतरनाक कॉम्बिनेशन पकड़े गए सप्लायर ने पुलिस को बताया है कि बूप्रेनोरफीन, एविल इंजेक्शन दोनों साथ मिलकर नशे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। इसका नशा काफी घंटे तक रहता है। आमतौर पर इस इंजेक्शन का इस्तेमाल एलर्जी खुजली और स्किन संबंधित बीमारी में होता है। मास्टरमाइंड की तलाश जारी पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि, ‘इस नेटवर्क का मुख्य सरगना नीरज फिलहाल फरार है। उसके गोदामों को जब्त किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वह लंबे समय से पटना सिटी और आसपास के इलाकों में एक्टिव था। उसकी भूमिका मास्टरमाइंड के तौर पर हो सकती है।’ पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क और अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति की भी जांच कर रही है। कुछ संपत्तियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिन्हें जल्द जब्त किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि नशे के इस सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। पटना पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले तीन महीनों में 45 करोड़ रुपये से अधिक के नशीले पदार्थ बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, कुल बरामदगी का करीब 60 से 70% हिस्सा शहर के पूर्वी इलाकों से हुआ है। इसमें एंटी वेनम सिरम, बूप्रेनोरफीन, एविल इंजेक्शन और प्रतिबंधित कफ सिरप शामिल हैं। एंटी वेनम सिरम का इस्तेमाल स्नेक बाइट केस में इलाज के लिए किया जाता है। पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि, नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। NDPS से जुड़े मामलों में रिकवरी और गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें पत्रकार नगर थाना, चित्रगुप्त नगर थाना, सुल्तानगंज थाना, बहादुरपुर थाना, गोपालपुर थाना और मुसल्लहपुर थाना के SHO शामिल हैं। 6 अप्रैल को 1 करोड़ की खेप जब्त किया पटना पुलिस ने 6 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस को 9,370 यूनिट नशीले इंजेक्शन और 5,537 यूनिट कोडीन युक्त कफ सिरप मिले हैं। इसके अलावा एंटीबायोटिक और एंटी-वेनम जैसी दवाएं भी बरामद की गईं। नशीले इंजेक्शन और दवा की रिकवरी अप्रैल महीने में पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से भारी मात्रा में नशीली दवाएं और इंजेक्शन जब्त किए— बूप्रेनोरफीन, एविल इंजेक्शन का खतरनाक कॉम्बिनेशन पकड़े गए सप्लायर ने पुलिस को बताया है कि बूप्रेनोरफीन, एविल इंजेक्शन दोनों साथ मिलकर नशे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। इसका नशा काफी घंटे तक रहता है। आमतौर पर इस इंजेक्शन का इस्तेमाल एलर्जी खुजली और स्किन संबंधित बीमारी में होता है। मास्टरमाइंड की तलाश जारी पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि, ‘इस नेटवर्क का मुख्य सरगना नीरज फिलहाल फरार है। उसके गोदामों को जब्त किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। वह लंबे समय से पटना सिटी और आसपास के इलाकों में एक्टिव था। उसकी भूमिका मास्टरमाइंड के तौर पर हो सकती है।’ पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क और अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति की भी जांच कर रही है। कुछ संपत्तियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिन्हें जल्द जब्त किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि नशे के इस सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।


