US-Venezuela oil agreement: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और काराकास के बीच अहम समझौता हुआ है। इसके तहत अमेरिका को वेनेजुएला के करीब 65 अरब बैरल तेल भंडार पर अधिकार मिलेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह इतिहास की सबसे बड़ी डील है। ट्रंप ने बताया कि यह समझौता अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री हेगसेथ और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के बातचीत के बाद हुई।
इसी साल निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना ने किया था गिरफ्तार
जनवरी में अमेरिकी सेना के डेल्टा फोर्स के जवानों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में रेड करके तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ट्रंप ने संकेत दिए कि अमेरिकी तेल कंपनियों को वेनेजुएला में दोबारा काम शुरू करने का मौका मिलेगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि दशकों पहले वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने विदेशी कंपनियों, जिनमें अमेरिकी तेल कंपनियां भी शामिल थीं। उसकी संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण करके अमेरिका का हक छीना था।
ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने विशेष अभियान चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर अमेरिका पहुंचाया था। यह कार्रवाई उन पर लगे मादक पदार्थों की तस्करी और नार्को-आतंकवाद से जुड़े संघीय आरोपों के चलते की गई थी।
अमेरिका में बढ़ रही पेट्रोल की कीमतें
अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ने से ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है। पिछले लगभग छह महीनों से ईरान से जुड़ा युद्ध जारी है, जिसके खत्म होने की कोई उम्मीद अभी नज़र नहीं आ रही। इस स्थिति में अमेरिका को अपने रणनीतिक तेल भंडार से भारी मात्रा में तेल निकालना पड़ा, जिससे अगस्त की शुरुआत तक भंडार घटकर 30 करोड़ बैरल से भी कम रह गया।
वेनेजुएला के पास विश्व के सबसे बड़े तेल भंडारों में एक है, जिसकी अनुमानित मात्रा करीब 303 अरब बैरल आंकी गई है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार यह वैश्विक तेल भंडार का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा है। दिलचस्प बात यह है कि जहां दुनिया के बाकी हिस्सों में अभी भी नए तेल भंडारों की खोज जारी है, वेनेजुएला का अधिकांश भंडार पहले से ही चिह्नित किया जा चुका है। बावजूद इसके, कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण यह देश विश्व के कुल तेल उत्पादन में सिर्फ 1 प्रतिशत का ही योगदान दे पाता है।

