भागलपुर के मायागंज(JLNMCH) में हड्डी विभाग के डॉक्टर ऑपरेशन के नाम पर 40 हजार रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। आरोप हड्डी विभाग में तैनात डॉक्टर कन्हैया लाल पर लगा है। उन्होंने आरोपों को खारिज कर दिया है। इस मामले में अस्पताल प्रशासन को लिखित स्पष्टीकरण सौंपा है। मेरे पर लगाए गए आरोप गलत है। विवाद बढ़ने पर कन्हैया लाल को यूनिट से हटाकर विभागाध्यक्ष डॉ. मसीह आजम की यूनिट में ट्रांसफर कर दिया गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. हिमांशु परमेश्वर दुबे ने कहा कि कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेज दी गई है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. मसीह आजम का कहना है कि हड्डी रोग विभाग में कई आवश्यक सर्जिकल सामग्रियों की कमी बनी हुई है। कई बार अस्पताल अधीक्षक को पत्र लिखकर आवश्यक उपकरण और सामग्रियों की आपूर्ति की मांग की जा चुकी है। संसाधनों की कमी के कारण इलाज प्रभावित होने की समस्या पहले भी आती रही है। अब जानिए क्या है पूरा मामला पीरपैंती थाना क्षेत्र के बड़ी मोहद्दीपुर निवासी रामप्रवेश मंडल ने शिकायत दर्ज कराई है। रामप्रवेश मंडल ने बताया कि मेरी मां का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा था। ई-रिक्शा की टक्कर से कमर की हड्डी टूट गई थी, इलाज के लिए एडमिट कराया गया था। 31 मार्च 2026 को शाम 7 बजे डॉक्टर कन्हैया लाल ने निजी क्लिनिक में बुलाकर रुपए लाने को कहा। उस समय मेरे पास उतने पैसे नहीं थी। जिसके बाद इलाज में लापरवाही बरती गई। 1 अप्रैल अस्पताल पहुंचा। डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर से मां को वापस कर दिया। फिर से 40 हजार रुपए देने का दबाव बनाया गया। पैसे नहीं देने पर ऑपरेशन नहीं किया पीड़ित का कहना है कि उनके पास इतनी बड़ी राशि उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण इलाज प्रभावित हो रहा है। डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, तब तक ऑपरेशन नहीं किया जाएगा। परेशान होकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप करने और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। भागलपुर के मायागंज(JLNMCH) में हड्डी विभाग के डॉक्टर ऑपरेशन के नाम पर 40 हजार रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। आरोप हड्डी विभाग में तैनात डॉक्टर कन्हैया लाल पर लगा है। उन्होंने आरोपों को खारिज कर दिया है। इस मामले में अस्पताल प्रशासन को लिखित स्पष्टीकरण सौंपा है। मेरे पर लगाए गए आरोप गलत है। विवाद बढ़ने पर कन्हैया लाल को यूनिट से हटाकर विभागाध्यक्ष डॉ. मसीह आजम की यूनिट में ट्रांसफर कर दिया गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. हिमांशु परमेश्वर दुबे ने कहा कि कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेज दी गई है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. मसीह आजम का कहना है कि हड्डी रोग विभाग में कई आवश्यक सर्जिकल सामग्रियों की कमी बनी हुई है। कई बार अस्पताल अधीक्षक को पत्र लिखकर आवश्यक उपकरण और सामग्रियों की आपूर्ति की मांग की जा चुकी है। संसाधनों की कमी के कारण इलाज प्रभावित होने की समस्या पहले भी आती रही है। अब जानिए क्या है पूरा मामला पीरपैंती थाना क्षेत्र के बड़ी मोहद्दीपुर निवासी रामप्रवेश मंडल ने शिकायत दर्ज कराई है। रामप्रवेश मंडल ने बताया कि मेरी मां का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा था। ई-रिक्शा की टक्कर से कमर की हड्डी टूट गई थी, इलाज के लिए एडमिट कराया गया था। 31 मार्च 2026 को शाम 7 बजे डॉक्टर कन्हैया लाल ने निजी क्लिनिक में बुलाकर रुपए लाने को कहा। उस समय मेरे पास उतने पैसे नहीं थी। जिसके बाद इलाज में लापरवाही बरती गई। 1 अप्रैल अस्पताल पहुंचा। डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर से मां को वापस कर दिया। फिर से 40 हजार रुपए देने का दबाव बनाया गया। पैसे नहीं देने पर ऑपरेशन नहीं किया पीड़ित का कहना है कि उनके पास इतनी बड़ी राशि उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण इलाज प्रभावित हो रहा है। डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, तब तक ऑपरेशन नहीं किया जाएगा। परेशान होकर जिला प्रशासन से हस्तक्षेप करने और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।


