Makhana in English: मखाना भारत में खाया जाने वाला एक बहुत ही लोकप्रिय फूड है। इसे खासतौर पर एक हेल्दी स्नैक और व्रत के खाने के रूप में पसंद किया जाता है। मखाना अपने कुरकुरे स्वाद और पोषक तत्वों के लिए जाना जाता है। इसे भूनकर और मसालों के साथ स्वादिष्ट स्नैक के रूप में खाया जाता है। इसके अलावा मखाने का इस्तेमाल मिठाइयों करी और खीर बनाने में भी खूब होता है। आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं इसलिए एक हेल्दी स्नैक के रूप में मखाने की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है।
अंग्रेजी में क्या है मखाने का नाम
अक्सर लोग यह सोचते हैं कि मखाने को अंग्रेजी में क्या कहा जाता है? आपको बता दें कि मखाने को अंग्रेजी में फॉक्स नट्स कहा जाता है। यह कमल के पौधे के बीजों से प्राप्त होता है इसलिए इसे लोटस सीड्स के नाम से भी जाना जाता है। भारतीय रसोई और पारंपरिक व्यंजनों में इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है।

भारत में कहां होता है सबसे ज्यादा उत्पादन
भारत में मखाने का सबसे ज्यादा उत्पादन बिहार राज्य में होता है। देश के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 80% से 90% हिस्सा बिहार में उगाया जाता है। यहां के तालाबों और नम भूमि (वेटलैंड्स) वाले इलाकों में बड़े पैमाने पर कमल की खेती की जाती है और फिर उनसे बीज निकाले जाते हैं। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल, असम, मणिपुर, त्रिपुरा और ओडिशा में भी मखाने का उत्पादन किया जाता है।
मखाने में पाए जाते हैं ये न्यूट्रिएंट्स
मखाना कई जरूरी पोषक तत्वों का खजाना है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। मखाने में फैट (वसा) बहुत कम होता है इसलिए, जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या हेल्दी डाइट लेना चाहते हैं उनके लिए यह एक बेहतरीन ऑप्शन है। मखाने को आप हल्का सा घी में भूनकर और मसाले डालकर एक कुरकुरे स्नैक के तौर पर डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा व्रत के दौरान फलाहार के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए अब कई कंपनियां अलग-अलग फ्लेवर वाले पैकेटबंद मखाने भी बेच रही हैं।
मखाने से जुड़े कुछ फैक्ट्स
- कमल के बीजों से बनता है मखाना: मखाना उन कमल के पौधों के बीजों से तैयार किया जाता है जो, तालाबों और कीचड़ में उगते हैं। इन बीजों को सुखाकर और भूनकर खाने लायक मखाना तैयार किया जाता है।
- व्रत का खास भोजन: भारत में किसी भी धार्मिक व्रत या उपवास के दौरान मखाने का सेवन बहुत पवित्र माना जाता है। खासतौर पर दूध से बनी मिठाइयों में इसका बहुत इस्तेमाल होता है।
- किसानों की आजीविका: बिहार के जिन इलाकों में पानी भरा रहता है वहां के किसानों के लिए मखाने की खेती उनकी आजीविका का सबसे बड़ा साधन है।


