पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया समाहरणालय परिसर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने आम लोगों की समस्याओं को सुना। इस दौरान कुल 58 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें भूमि विवाद, पेंशन और अन्य शिकायतें शामिल थीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इनमें भूमि विवाद, राजस्व से जुड़े मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली आपूर्ति, पेयजल संकट, सड़क निर्माण एवं मरम्मत तथा राशन कार्ड से संबंधित शिकायतें प्रमुख थीं। कई लोग वर्षों से लंबित मामलों को लेकर पहुंचे थे। समस्याओं का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से करने के निर्देश जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक हर हाल में पहुंचना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल समाधान योग्य मामलों को मौके पर ही निपटाने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। शीघ्र रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया कई मामलों में जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही समाधान किया गया। भूमि विवाद और पेंशन से जुड़े कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। वहीं, बिजली और पेयजल से संबंधित शिकायतों पर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद लोगों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की। फरियादियों का कहना था कि ऐसे कार्यक्रमों से आम जनता को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिलता है और समाधान की उम्मीद भी बढ़ती है। पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया समाहरणालय परिसर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने आम लोगों की समस्याओं को सुना। इस दौरान कुल 58 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें भूमि विवाद, पेंशन और अन्य शिकायतें शामिल थीं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इनमें भूमि विवाद, राजस्व से जुड़े मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली आपूर्ति, पेयजल संकट, सड़क निर्माण एवं मरम्मत तथा राशन कार्ड से संबंधित शिकायतें प्रमुख थीं। कई लोग वर्षों से लंबित मामलों को लेकर पहुंचे थे। समस्याओं का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से करने के निर्देश जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक हर हाल में पहुंचना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल समाधान योग्य मामलों को मौके पर ही निपटाने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। शीघ्र रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया कई मामलों में जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही समाधान किया गया। भूमि विवाद और पेंशन से जुड़े कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। वहीं, बिजली और पेयजल से संबंधित शिकायतों पर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद लोगों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की। फरियादियों का कहना था कि ऐसे कार्यक्रमों से आम जनता को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिलता है और समाधान की उम्मीद भी बढ़ती है।


