अररिया में खेल भवन को लेकर डीएम की बैठक:आधुनिक जिम-सुविधाएं, अलग अभ्यास टाइम, मेडलिस्ट खिलाड़ियों को फ्री एंट्री

अररिया में खेल भवन को लेकर डीएम की बैठक:आधुनिक जिम-सुविधाएं, अलग अभ्यास टाइम, मेडलिस्ट खिलाड़ियों को फ्री एंट्री

अररिया में मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत जिला मुख्यालय स्थित खेल भवन-सह-व्यायामशाला के बेहतर संचालन और प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने की। बैठक में खेल भवन की मौजूदा सुविधाओं और उनके अधिकतम उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि व्यायामशाला में आधुनिक जिम उपकरण उपलब्ध हैं। कराटे, कबड्डी, कुश्ती, टेबल टेनिस और योग जैसी विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए भी उचित व्यवस्था की गई है। सम्मेलन कक्ष सहित अन्य संसाधनों का उपयोग स्थानीय खिलाड़ियों और खेल संगठनों के हित में सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अलग-अलग अभ्यास समय निर्धारित किए गए
संचालन समिति ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इनमें खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण कार्यक्रम, अभ्यास के लिए समय-सारणी का निर्धारण और खेल भवन के उपयोग हेतु शुल्क तय करना शामिल है। ग्रीष्मकाल और शीतकाल के अनुसार अलग-अलग अभ्यास समय निर्धारित किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को खेल भवन की सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम मेधावी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने में मदद करेगा। आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी गहन चर्चा हुई
बैठक में खेल भवन के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी गहन चर्चा हुई। साफ-सफाई, सुरक्षा और उपकरणों के रखरखाव को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। इन कार्यों के लिए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाएगी। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने उपाधीक्षक शारीरिक शिक्षा को स्पष्ट निर्देश दिए कि खेल भवन की सभी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सभी कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बरतने पर भी जोर दिया। डीएम ने कहा कि यह खेल भवन स्थानीय युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने का प्रमुख केंद्र बनना चाहिए। बैठक में सिविल सर्जन, उपाधीक्षक शारीरिक शिक्षा, संबंधित विभागों के पदाधिकारी और संचालन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। यह बैठक मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के अनुरूप है, जो बिहार में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। स्थानीय खिलाड़ियों को अब बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण मिल सकेगा, जिससे जिला स्तर से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गई है। अररिया में मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत जिला मुख्यालय स्थित खेल भवन-सह-व्यायामशाला के बेहतर संचालन और प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने की। बैठक में खेल भवन की मौजूदा सुविधाओं और उनके अधिकतम उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि व्यायामशाला में आधुनिक जिम उपकरण उपलब्ध हैं। कराटे, कबड्डी, कुश्ती, टेबल टेनिस और योग जैसी विभिन्न खेल गतिविधियों के लिए भी उचित व्यवस्था की गई है। सम्मेलन कक्ष सहित अन्य संसाधनों का उपयोग स्थानीय खिलाड़ियों और खेल संगठनों के हित में सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अलग-अलग अभ्यास समय निर्धारित किए गए
संचालन समिति ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इनमें खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण कार्यक्रम, अभ्यास के लिए समय-सारणी का निर्धारण और खेल भवन के उपयोग हेतु शुल्क तय करना शामिल है। ग्रीष्मकाल और शीतकाल के अनुसार अलग-अलग अभ्यास समय निर्धारित किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को खेल भवन की सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम मेधावी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने में मदद करेगा। आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी गहन चर्चा हुई
बैठक में खेल भवन के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी गहन चर्चा हुई। साफ-सफाई, सुरक्षा और उपकरणों के रखरखाव को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। इन कार्यों के लिए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाएगी। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने उपाधीक्षक शारीरिक शिक्षा को स्पष्ट निर्देश दिए कि खेल भवन की सभी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सभी कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बरतने पर भी जोर दिया। डीएम ने कहा कि यह खेल भवन स्थानीय युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने का प्रमुख केंद्र बनना चाहिए। बैठक में सिविल सर्जन, उपाधीक्षक शारीरिक शिक्षा, संबंधित विभागों के पदाधिकारी और संचालन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। यह बैठक मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के अनुरूप है, जो बिहार में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। स्थानीय खिलाड़ियों को अब बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण मिल सकेगा, जिससे जिला स्तर से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गई है।  

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