DM बोले-‘शिक्षक समाज और देश की मजबूत नींव’:टीचर्स डे पर खगड़िया में 50 शिक्षकों का सम्मान, ‘स्नेह समिति’-डिजिटल लर्निंग की पहलों पर जोर

DM बोले-‘शिक्षक समाज और देश की मजबूत नींव’:टीचर्स डे पर खगड़िया में 50 शिक्षकों का सम्मान, ‘स्नेह समिति’-डिजिटल लर्निंग की पहलों पर जोर

खगड़िया, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिलाधिकारी विक्रम विरकर की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जिले के 50 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में 48 शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक तथा दो शारीरिक शिक्षक शामिल रहे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… शिक्षकों के समर्पण और नवाचार की सराहना समारोह में शिक्षकों के समर्पण, अनुशासन, नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धति तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं समग्र विकास में योगदान की सराहना की गई। जिलाधिकारी ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उनके भविष्य को बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। रचनात्मक सोच और नैतिक मूल्यों पर जोर डीएम ने शिक्षकों से विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सीखने की जिज्ञासा विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने बदलते समय के अनुरूप शिक्षण पद्धति में नए प्रयोग करने और डिजिटल संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया। माताओं की भागीदारी के लिए बनी ‘स्नेह समिति’ जिलाधिकारी के निर्देश पर खगड़िया जिले में पहली बार माताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘स्नेह समिति’ का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यालयों और शिक्षा व्यवस्था में माताओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ बच्चों की पढ़ाई और समग्र विकास में अभिभावकों की भूमिका को मजबूत करना है। ‘पढ़ते खगड़िया’ से शिक्षा में सुधार की पहल समारोह में जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए चल रही विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई। ‘पढ़ते खगड़िया’ के तहत डिजिटल लर्निंग, माताओं की भागीदारी, TaRL (Teaching at the Right Level), डिजिटल असिस्टेंस, स्वैच्छिक बाल भागीदारी तथा डिजिटल एवं कोडिंग स्किल्स जैसी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। ‘PadhAI MITRA’ से विद्यार्थियों की प्रगति पर नजर ‘PadhAI MITRA’ के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन किया जा रहा है। इसके जरिए बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की निगरानी कर उनकी जरूरत के अनुसार सीखने में सहायता देने पर जोर दिया जा रहा है। सम्मान से बढ़ेगा शिक्षकों का उत्साह सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने जिला प्रशासन की ओर से मिले सम्मान पर खुशी जताई। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों के हित में अपने प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षकों को मिला यह सम्मान उनका उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर और नवाचारपूर्ण कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। खगड़िया, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिलाधिकारी विक्रम विरकर की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जिले के 50 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में 48 शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक तथा दो शारीरिक शिक्षक शामिल रहे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… शिक्षकों के समर्पण और नवाचार की सराहना समारोह में शिक्षकों के समर्पण, अनुशासन, नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धति तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं समग्र विकास में योगदान की सराहना की गई। जिलाधिकारी ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उनके भविष्य को बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। रचनात्मक सोच और नैतिक मूल्यों पर जोर डीएम ने शिक्षकों से विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सीखने की जिज्ञासा विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने बदलते समय के अनुरूप शिक्षण पद्धति में नए प्रयोग करने और डिजिटल संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया। माताओं की भागीदारी के लिए बनी ‘स्नेह समिति’ जिलाधिकारी के निर्देश पर खगड़िया जिले में पहली बार माताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘स्नेह समिति’ का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यालयों और शिक्षा व्यवस्था में माताओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ बच्चों की पढ़ाई और समग्र विकास में अभिभावकों की भूमिका को मजबूत करना है। ‘पढ़ते खगड़िया’ से शिक्षा में सुधार की पहल समारोह में जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए चल रही विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई। ‘पढ़ते खगड़िया’ के तहत डिजिटल लर्निंग, माताओं की भागीदारी, TaRL (Teaching at the Right Level), डिजिटल असिस्टेंस, स्वैच्छिक बाल भागीदारी तथा डिजिटल एवं कोडिंग स्किल्स जैसी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। ‘PadhAI MITRA’ से विद्यार्थियों की प्रगति पर नजर ‘PadhAI MITRA’ के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन किया जा रहा है। इसके जरिए बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की निगरानी कर उनकी जरूरत के अनुसार सीखने में सहायता देने पर जोर दिया जा रहा है। सम्मान से बढ़ेगा शिक्षकों का उत्साह सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने जिला प्रशासन की ओर से मिले सम्मान पर खुशी जताई। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों के हित में अपने प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षकों को मिला यह सम्मान उनका उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर और नवाचारपूर्ण कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।  

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