DM ने स्कूल का किया सरप्राइज इंस्पेक्शन:गोपालगंज में शिक्षकों को गुणवत्ता सुधारने के कड़े निर्देश दिए

DM ने स्कूल का किया सरप्राइज इंस्पेक्शन:गोपालगंज में शिक्षकों को गुणवत्ता सुधारने के कड़े निर्देश दिए

गोपालगंज के विश्वम्भरपुर प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में उस समय हलचल मच गई, जब जिलाधिकारी समीर सौरभ अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। डीएम के अचानक आने से स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं में काफी उत्सुकता देखी गई। स्कूल परिसर में पहुंचते ही जिलाधिकारी ने सबसे पहले शिक्षकों की उपस्थिति पंजी जांची। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी शिक्षक समय पर स्कूल आ रहे हैं या नहीं। इसके बाद, डीएम सीधे एक कक्षा में गए और छात्रों से बात की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, पाठ्यक्रम और विषयों को समझने में आने वाली दिक्कतों के बारे में पूछा। उपकरण और अन्य सुविधाएं DM ने जांचीं साथ ही, उन्होंने स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और मध्याह्न भोजन को लेकर भी बच्चों से राय ली, जिस पर विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी बात रखी। कक्षा में बातचीत के दौरान डीएम समीर सौरभ एक शिक्षक की तरह दिखे। उन्होंने खुद ब्लैकबोर्ड के पास जाकर बच्चों को पाठ पढ़ाया और कठिन विषयों को आसान व दिलचस्प तरीके से समझाया। बच्चों को गाइड करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें। आज के समय में कंप्यूटर और तकनीकी शिक्षा का ज्ञान बहुत जरूरी है। इसके बाद डीएम ने स्कूल की कंप्यूटर लैब देखी। उन्होंने वहां उपकरण और अन्य सुविधाएं जांचीं। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के कड़े निर्देश उन्होंने लैब में मौजूद छात्रों से कंप्यूटर विज्ञान से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विद्यार्थियों ने उत्साह से जवाब दिया। बच्चों की सही जानकारी देखकर डीएम ने उनकी तारीफ की और उन्हें नियमित पढ़ाई के साथ नई तकनीक सीखने के लिए मोटिवेट किया। निरीक्षण के आखिर में डीएम ने शिक्षकों के साथ मीटिंग की और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि सिर्फ छात्रों की उपस्थिति बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि बच्चे जो पढ़ रहे हैं, उसे अच्छी तरह समझ पाएं। बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं समीर सौरभ उन्होंने कमजोर विद्यार्थियों पर खास ध्यान देने और उन्हें अतिरिक्त गाइडेंस देने का निर्देश दिया। बता दे कि समीर सौरभ 2019 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने आईआईटी खड़कपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है तथा विप्रो में प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। अपने इसी तकनीकी अनुभव का लाभ वे अब शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में दे रहे हैं। गोपालगंज के विश्वम्भरपुर प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में उस समय हलचल मच गई, जब जिलाधिकारी समीर सौरभ अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। डीएम के अचानक आने से स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं में काफी उत्सुकता देखी गई। स्कूल परिसर में पहुंचते ही जिलाधिकारी ने सबसे पहले शिक्षकों की उपस्थिति पंजी जांची। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी शिक्षक समय पर स्कूल आ रहे हैं या नहीं। इसके बाद, डीएम सीधे एक कक्षा में गए और छात्रों से बात की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, पाठ्यक्रम और विषयों को समझने में आने वाली दिक्कतों के बारे में पूछा। उपकरण और अन्य सुविधाएं DM ने जांचीं साथ ही, उन्होंने स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और मध्याह्न भोजन को लेकर भी बच्चों से राय ली, जिस पर विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी बात रखी। कक्षा में बातचीत के दौरान डीएम समीर सौरभ एक शिक्षक की तरह दिखे। उन्होंने खुद ब्लैकबोर्ड के पास जाकर बच्चों को पाठ पढ़ाया और कठिन विषयों को आसान व दिलचस्प तरीके से समझाया। बच्चों को गाइड करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें। आज के समय में कंप्यूटर और तकनीकी शिक्षा का ज्ञान बहुत जरूरी है। इसके बाद डीएम ने स्कूल की कंप्यूटर लैब देखी। उन्होंने वहां उपकरण और अन्य सुविधाएं जांचीं। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के कड़े निर्देश उन्होंने लैब में मौजूद छात्रों से कंप्यूटर विज्ञान से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका विद्यार्थियों ने उत्साह से जवाब दिया। बच्चों की सही जानकारी देखकर डीएम ने उनकी तारीफ की और उन्हें नियमित पढ़ाई के साथ नई तकनीक सीखने के लिए मोटिवेट किया। निरीक्षण के आखिर में डीएम ने शिक्षकों के साथ मीटिंग की और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि सिर्फ छात्रों की उपस्थिति बढ़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि बच्चे जो पढ़ रहे हैं, उसे अच्छी तरह समझ पाएं। बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं समीर सौरभ उन्होंने कमजोर विद्यार्थियों पर खास ध्यान देने और उन्हें अतिरिक्त गाइडेंस देने का निर्देश दिया। बता दे कि समीर सौरभ 2019 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने आईआईटी खड़कपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है तथा विप्रो में प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। अपने इसी तकनीकी अनुभव का लाभ वे अब शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में दे रहे हैं।  

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