गोपालगंज के मिंज स्टेडियम के पास जिलाधिकारी समीर सौरभ के नेतृत्व में जिला प्रशासन और ‘माय भारत’ संगठन के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति को लेकर विशेष जागरूकता अभियान और शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समाज को नशा मुक्त बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। जागरूकता रैली का आयोजन किया कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना बताया गया। खराब मौसम के कारण पूर्वनिर्धारित मैराथन कार्यक्रम को स्थगित करते हुए अधिकारियों और छात्र-छात्राओं ने शपथ ग्रहण समारोह और जागरूकता रैली का आयोजन किया। कार्यक्रम में उपस्थित जिलाधिकारी ने सभी को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई और लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें। हर वर्ग तक नशा मुक्ति का सशक्त संदेश माय भारत के जिला कोऑर्डिनेटर शशांक मित्तल ने इस अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि ‘मेरा युवा भारत’ संगठन 15 से 29 आयु वर्ग के युवाओं को ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसी कड़ी में सौ सप्ताह का नशा मुक्ति पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक शनिवार को अलग-अलग रचनात्मक और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, ताकि युवाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक नशा मुक्ति का सशक्त संदेश पहुंचाया जा सके। 272 संवेदनशील रेड श्रेणी जिलों में गोपालगंज भी उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गोपालगंज जिले का चयन पूरे बिहार में विशेष रूप से उस मैराथन के लिए किया गया है, जिसके जरिए युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा दी जानी है। उन्होंने बताया कि नशा उन्मूलन की दृष्टि से देश के चिन्हित 272 संवेदनशील रेड श्रेणी जिलों में गोपालगंज भी शामिल है। ”युवाओं को हर हाल में नशे को ना कहना होगा” यही वजह है कि जिला प्रशासन इस दिशा में बेहद गंभीर और सतर्क रुख अपना रहा है। जिलाधिकारी लगातार यह संदेश लोगो के बीच पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं कि युवाओं को हर हाल में ‘नशे को ना’ कहना होगा। जिला प्रशासन और युवाओं की यह साझा कोशिश है कि गीले या सूखे किसी भी प्रकार के नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से नई पीढ़ी को अवगत कराया जाए और उन्हें एक स्वस्थ व उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर किया जाए। गोपालगंज के मिंज स्टेडियम के पास जिलाधिकारी समीर सौरभ के नेतृत्व में जिला प्रशासन और ‘माय भारत’ संगठन के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्ति को लेकर विशेष जागरूकता अभियान और शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समाज को नशा मुक्त बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। जागरूकता रैली का आयोजन किया कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना बताया गया। खराब मौसम के कारण पूर्वनिर्धारित मैराथन कार्यक्रम को स्थगित करते हुए अधिकारियों और छात्र-छात्राओं ने शपथ ग्रहण समारोह और जागरूकता रैली का आयोजन किया। कार्यक्रम में उपस्थित जिलाधिकारी ने सभी को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई और लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें। हर वर्ग तक नशा मुक्ति का सशक्त संदेश माय भारत के जिला कोऑर्डिनेटर शशांक मित्तल ने इस अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि ‘मेरा युवा भारत’ संगठन 15 से 29 आयु वर्ग के युवाओं को ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसी कड़ी में सौ सप्ताह का नशा मुक्ति पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक शनिवार को अलग-अलग रचनात्मक और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, ताकि युवाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक नशा मुक्ति का सशक्त संदेश पहुंचाया जा सके। 272 संवेदनशील रेड श्रेणी जिलों में गोपालगंज भी उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गोपालगंज जिले का चयन पूरे बिहार में विशेष रूप से उस मैराथन के लिए किया गया है, जिसके जरिए युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा दी जानी है। उन्होंने बताया कि नशा उन्मूलन की दृष्टि से देश के चिन्हित 272 संवेदनशील रेड श्रेणी जिलों में गोपालगंज भी शामिल है। ”युवाओं को हर हाल में नशे को ना कहना होगा” यही वजह है कि जिला प्रशासन इस दिशा में बेहद गंभीर और सतर्क रुख अपना रहा है। जिलाधिकारी लगातार यह संदेश लोगो के बीच पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं कि युवाओं को हर हाल में ‘नशे को ना’ कहना होगा। जिला प्रशासन और युवाओं की यह साझा कोशिश है कि गीले या सूखे किसी भी प्रकार के नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से नई पीढ़ी को अवगत कराया जाए और उन्हें एक स्वस्थ व उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर किया जाए।

