पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया नगर पंचायत में प्रस्तावित सामान्य बोर्ड की बैठक को लेकर शनिवार को विवाद उत्पन्न हो गया। नगर पंचायत द्वारा 7 मार्च को होने वाली बैठक के लिए जारी पत्र में एक एजेंडा बिंदु के रूप में “विधायक द्वारा नगर पंचायत की छवि धूमिल किए जाने के मुद्दे पर चर्चा” का प्रस्ताव रखा गया था। यह पत्र सार्वजनिक होते ही स्थानीय विधायक अभिषेक रंजन और उनके समर्थकों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। विवाद बढ़ता देख नगर पंचायत प्रशासन ने आनन-फानन में बैठक रद्द करने का पत्र जारी कर दिया। इसके बावजूद, शनिवार को विधायक अभिषेक रंजन अपने समर्थकों के साथ नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। इस दौरान सभागार में समर्थकों की भीड़ जुट गई और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा उठाया
नगर पंचायत सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विधायक अभिषेक रंजन ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में चनपटिया नगर पंचायत क्षेत्र में कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में हो रही गड़बड़ियों और लूट-खसोट पर सवाल उठाने से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है, जिसके कारण उनकी छवि खराब करने के लिए इस तरह का एजेंडा लाया गया। विधायक ने इस पूरी कार्रवाई को एक चुने हुए जनप्रतिनिधि के विशेषाधिकार का हनन बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानमंडल के सदस्य द्वारा सदन में कही गई बातों पर सवाल उठाने या उसकी समीक्षा करने का अधिकार किसी स्थानीय निकाय या अधिकारी को नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि विधानसभा में उठाए गए मुद्दे जनता की समस्याओं से जुड़े होते हैं, और ऐसे में जनप्रतिनिधि की आवाज दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया नगर पंचायत में प्रस्तावित सामान्य बोर्ड की बैठक को लेकर शनिवार को विवाद उत्पन्न हो गया। नगर पंचायत द्वारा 7 मार्च को होने वाली बैठक के लिए जारी पत्र में एक एजेंडा बिंदु के रूप में “विधायक द्वारा नगर पंचायत की छवि धूमिल किए जाने के मुद्दे पर चर्चा” का प्रस्ताव रखा गया था। यह पत्र सार्वजनिक होते ही स्थानीय विधायक अभिषेक रंजन और उनके समर्थकों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। विवाद बढ़ता देख नगर पंचायत प्रशासन ने आनन-फानन में बैठक रद्द करने का पत्र जारी कर दिया। इसके बावजूद, शनिवार को विधायक अभिषेक रंजन अपने समर्थकों के साथ नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। इस दौरान सभागार में समर्थकों की भीड़ जुट गई और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा उठाया
नगर पंचायत सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विधायक अभिषेक रंजन ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में चनपटिया नगर पंचायत क्षेत्र में कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत में हो रही गड़बड़ियों और लूट-खसोट पर सवाल उठाने से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है, जिसके कारण उनकी छवि खराब करने के लिए इस तरह का एजेंडा लाया गया। विधायक ने इस पूरी कार्रवाई को एक चुने हुए जनप्रतिनिधि के विशेषाधिकार का हनन बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानमंडल के सदस्य द्वारा सदन में कही गई बातों पर सवाल उठाने या उसकी समीक्षा करने का अधिकार किसी स्थानीय निकाय या अधिकारी को नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि विधानसभा में उठाए गए मुद्दे जनता की समस्याओं से जुड़े होते हैं, और ऐसे में जनप्रतिनिधि की आवाज दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।


