Dhoot Transmission IPO: कंपनी ने एंकर निवेशकों से जुटाए 918 करोड़ रुपये, ग्रे मार्केट में दिख रहा 28% का मुनाफा, जानिए ब्रोकरेज फर्म्स की राय

Dhoot Transmission IPO: कंपनी ने एंकर निवेशकों से जुटाए 918 करोड़ रुपये, ग्रे मार्केट में दिख रहा 28% का मुनाफा, जानिए ब्रोकरेज फर्म्स की राय

Dhoot Transmission GMP: ऑटो सेक्टर से जुड़ी कंपनी धूत ट्रांसमिशन का आईपीओ लॉन्च होने से पहले ही शेयर ग्रे मार्केट में अच्छे-खासे प्रीमियम पर ट्रेड करता दिख रहा है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर शनिवार दोपहर 871 रुपये के आईपीओ प्राइस के मुकाबले 247 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड करता दिखा। इस तरह शेयर की लिस्टिंग 28.36 फीसदी के प्रीमियम के साथ 1118 रुपये पर हो सकती है। यह आईपीओ 10 से 12 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा।

IPO का 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों यानी QIB के लिए रिजर्व रखा गया है। वहीं 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII के लिए और बाकी 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रखा गया है। 871 रुपये के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए निवेश राशि करीब 14,807 रुपये होगी। कंपनी का शेयर 17 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो सकता है।

एंकर निवेशकों से जुटाए 918.3 करोड़ रुपये

आईपीओ लॉन्च होने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों से 918.3 करोड़ रुपये जुटा लिये हैं। इन निवेशकों में BlackRock, Abu Dhabi Investment Authority और SBI Mutual Fund जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कंपनी ने आईपीओ में शेयर का प्राइस बैंड 829 से 871 रुपये तय किया है।

करीब 3,067 करोड़ रुपये के इस IPO को लेकर ब्रोकरेज फर्म्स का रुख भी काफी हद तक सकारात्मक है। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने कुछ ऐसे जोखिम भी गिनाए हैं, जिन्हें निवेशकों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

IPO में फ्रेश इश्यू और OFS दोनों हैं

धूत ट्रांसमिशन के आईपीओ में फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल यानी OFS दोनों शामिल हैं। फ्रेश इश्यू के तहत कंपनी 1.6 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। वहीं, मौजूदा शेयरधारक OFS के जरिए 1.9 करोड़ तक शेयर बेचेंगे। OFS से मिलने वाला पैसा कंपनी के पास नहीं जाएगा, क्योंकि इसमें मौजूदा निवेशक अपने शेयर बेच रहे हैं। कंपनी को सिर्फ फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का फायदा मिलेगा।

क्या करती है कंपनी

धूत ट्रांसमिशन ऑटो और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम बनाती है। कंपनी खास तौर पर दोपहिया और तीन-पहिया वाहनों के वायरिंग हार्नेस कारोबार में मजबूत स्थिति रखती है। ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिका के मुताबिक, कंपनी ने पिछले तीन साल में करीब 27% की रेवेन्यू CAGR ग्रोथ दर्ज की है। इसकी तुलना में पारंपरिक ऑटो एंसिलरी इंडस्ट्री की ग्रोथ करीब 12 से 15% रही है।

कंपनी दोपहिया और तीन-पहिया वायरिंग हार्नेस बाजार में टॉप-2 प्लेयर्स में शामिल है। इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV सेगमेंट में भी इसकी स्थिति मजबूत बताई जा रही है। EV की संख्या बढ़ने, गाड़ियों में ज्यादा इलेक्ट्रिकल फीचर्स जुड़ने और प्रीमियम वाहनों की मांग बढ़ने से वायरिंग हार्नेस की जरूरत भी बढ़ती है। यही बात कंपनी के लिए आगे ग्रोथ का बड़ा मौका बन सकती है।

ब्रोकरेज फर्म की क्या है सलाह?

स्वास्तिक ने लंबी अवधि की ग्रोथ और संभावित लिस्टिंग गेन को देखते हुए IPO को सब्सक्राइब करने की राय दी है। हालांकि, ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की वैल्यूएशन फिलहाल काफी हद तक उचित स्तर पर है। इसलिए निवेशकों को बहुत ज्यादा पैसा एक ही जगह लगाने के बजाय सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी गई है। वहीं, एक अन्य ब्रोकरेज फर्म Equivision ने भी आईपीओ को लेकर सकारात्मक राय दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी भारत में दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के लिए वायरिंग हार्नेस बनाने वाली बड़ी कंपनियों में शामिल है। तीन-पहिया वायरिंग हार्नेस बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 70% से ज्यादा बताई गई है। कंपनी के पास कई तरह के प्रोडक्ट हैं और देश की बड़ी ऑटो कंपनियों के साथ इसके लंबे समय से कारोबारी रिश्ते हैं। EV कंपोनेंट्स में कंपनी की बढ़ती मौजूदगी को भी ब्रोकरेज ने एक मजबूत पहलू माना है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

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