US-Iran तनाव के बावजूद Asian Markets में बहार, South Korea ने तोड़े सारे Record

US-Iran तनाव के बावजूद Asian Markets में बहार, South Korea ने तोड़े सारे Record
एशियाई शेयर बाजारों में सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक माहौल में हुई है और निवेशक वैश्विक हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, दक्षिण कोरिया का प्रमुख सूचकांक सोमवार को नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो अप्रैल महीने में मजबूत बढ़त के बाद निवेशकों के भरोसे को दिखाता है।
बताया जा रहा है कि बाजार पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर बना हुआ है, लेकिन इसी बीच अमेरिका की ओर से एक नई पहल ने निवेशकों को कुछ राहत दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नामक योजना की घोषणा की है, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है। गौरतलब है कि यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस अभियान में अमेरिकी सेना के युद्धपोत, विमानों और हजारों सैनिकों की तैनाती की जाएगी, ताकि गैर-संबद्ध देशों के नागरिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। जामकारों का मानना है कि इस कदम से वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
तेल बाजार की बात करें तो कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग स्थिर रहीं, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक अभी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की आपूर्ति होती है, ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे बाजारों को प्रभावित करता है।
एशिया के अन्य बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला है। हांगकांग का बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि ऑस्ट्रेलिया में हल्की गिरावट दर्ज की गई। भारत का प्रमुख सूचकांक भी मजबूती के साथ आगे बढ़ा, जो घरेलू निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। हालांकि जापान और चीन के बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद रहे हैं।
वहीं अमेरिकी बाजारों की बात करें तो हाल के दिनों में वहां भी मजबूती देखने को मिली है। पिछले सत्र में प्रमुख सूचकांकों ने नए उच्च स्तर बनाए, जिससे वैश्विक निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि कुछ सूचकांकों में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई, जो बाजार में सतर्कता का संकेत देती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच संबंध, तेल की कीमतें और व्यापार मार्गों की स्थिति बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और हालात पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

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