कोटा में गर्मी का कहर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को गर्मी ने पिछले आठ साल का रिकोर्ड तोड़ते हुए 46.7 डिग्री तक पहुंच गया था। बढ़ती गर्मी के कहर को देखते हुए अब स्कूली बच्चों की छुटटी की मांग भी सामने आने लगी है। हालांकि गर्मी को देखते हुए हाल में ही स्कूलों के समय में परिवर्तन किया गया था, लेकिन गर्मी का असर सुबह आठ बजे से ही तेज होने लगता है। मंगलवार को वकीलों ने जिला कलेक्टर पीयूष समारिया से मुलाकात की और स्कूल की छुटटियों की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष भारत सिंह ने बताया कि कोटा में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रकोप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर अत्यधिक उच्च स्तर पर पहुंच चुका है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। महासचिव शंभू सोनी ने बताया कि छोटे बच्चों के लिए इस झुलसा देने वाली गर्मी में रोजाना स्कूल जाना जोखिमपूर्ण बन गया है। बच्चों में लू लगने, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका लगातार बनी हुई है। इस स्थिति को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता है। इसी को लेकर अभिभावक परिषद ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम बेहद जरूरी है, ताकि भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों से उन्हें बचाया जा सके। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यह मामला संवेदनाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन को जल्द सकारात्मक निर्णय लेते हुए स्कूलों में छुट्टियां घोषित करनी चाहिए।


