दिल्ली दंगा आरोपी शरजील इमाम को पैरोल:6 साल बाद पैतृक गांव काको पहुंचे, बीमार मां से मिलने के बाद मनाई ईद

दिल्ली दंगा आरोपी शरजील इमाम को पैरोल:6 साल बाद पैतृक गांव काको पहुंचे, बीमार मां से मिलने के बाद मनाई ईद

दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी छात्र नेता शरजील इमाम को अदालत से पैरोल मिलने के बाद अपने पैतृक गांव काको पहुंचने का मौका मिला। पिछले छह वर्षों से तिहाड़ जेल में बंद शरजील को 11 दिनों की पैरोल मिली है। यह पैरोल उन्हें अपनी बीमार मां से मिलने और छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए दी गई है। ईद के दिन शनिवार को शरजील इमाम अपने गांव पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले स्थानीय ईदगाह में ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद उन्होंने ग्रामीणों से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। शरजील से मिलने पहुंचे गांव के लोग उनके गांव आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे। इस दौरान लोगों में खुशी का माहौल देखा गया, क्योंकि शरजील इमाम लंबे समय बाद अपने परिवार और गांव के लोगों के बीच नजर आए थे। शर्तों के साथ 11 दिनों का पैरोल मिला शरजील इमाम के छोटे भाई मुजम्मिल इमाम ने बताया कि अदालत ने कई शर्तों के साथ लगभग 11 दिनों की पैरोल दी है। उन्होंने अदालत का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह परिवार के लिए कठिन समय था और न्यायालय के इस फैसले से उन्हें राहत मिली है। मुजम्मिल इमाम ने आगे भी न्यायालय पर उम्मीद जताते हुए कहा कि देर-सवेर उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी छात्र नेता शरजील इमाम को अदालत से पैरोल मिलने के बाद अपने पैतृक गांव काको पहुंचने का मौका मिला। पिछले छह वर्षों से तिहाड़ जेल में बंद शरजील को 11 दिनों की पैरोल मिली है। यह पैरोल उन्हें अपनी बीमार मां से मिलने और छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए दी गई है। ईद के दिन शनिवार को शरजील इमाम अपने गांव पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले स्थानीय ईदगाह में ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद उन्होंने ग्रामीणों से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। शरजील से मिलने पहुंचे गांव के लोग उनके गांव आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे। इस दौरान लोगों में खुशी का माहौल देखा गया, क्योंकि शरजील इमाम लंबे समय बाद अपने परिवार और गांव के लोगों के बीच नजर आए थे। शर्तों के साथ 11 दिनों का पैरोल मिला शरजील इमाम के छोटे भाई मुजम्मिल इमाम ने बताया कि अदालत ने कई शर्तों के साथ लगभग 11 दिनों की पैरोल दी है। उन्होंने अदालत का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह परिवार के लिए कठिन समय था और न्यायालय के इस फैसले से उन्हें राहत मिली है। मुजम्मिल इमाम ने आगे भी न्यायालय पर उम्मीद जताते हुए कहा कि देर-सवेर उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।  

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